NEET पेपर लीक मामले में नया मोड़, दूसरा सेट लीक होने का दावा
नई दिल्ली: देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा 'नीट-यूजी' (NEET-UG) को लेकर केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की तफ्तीश में एक बेहद चौंकाने वाला और सनसनीखेज खुलासा हुआ है। सीबीआई जांच के मुताबिक, इस बार नीट परीक्षा का केवल एक सेट नहीं, बल्कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा तैयार किए गए दोनों के दोनों प्रश्नपत्र (सेट्स) पहले ही लीक हो चुके थे। आमतौर पर एनटीए परीक्षा की गोपनीयता और आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए दो अलग-अलग सेट तैयार करता है, जिनमें से एक मुख्य परीक्षा के लिए होता है और दूसरा रिजर्व रखा जाता है। मुख्य परीक्षा का सेट कौन सा होगा, यह सिर्फ एनटीए के महानिदेशक (DG) को पता होता है। लेकिन जांच एजेंसियों ने पाया है कि पर्दे के पीछे इस महाघोटाले के असली किंगपिन परीक्षा का पेपर तैयार करने वाले एक्सपर्ट पैनल के ही सदस्य थे, जिन्होंने 'गेस पेपर' की आड़ में इस पूरी साजिश को अंजाम दिया।
प्रोफेसर और सीनियर टीचर की जुगलबंदी ने चुराए एनटीए के गुप्त सवाल
इस पूरे रैकेट के मुख्य साजिशकर्ताओं के रूप में असिस्टेंट प्रोफेसर पीवी कुलकर्णी और सीनियर टीचर मनीषा गुरुनाथ मांधरे के नाम सामने आए हैं, जो खुद एनटीए के प्रश्नपत्र बनाने वाले आधिकारिक पैनल का हिस्सा थे। इन दोनों ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए बायोलॉजी और केमिस्ट्री के गोपनीय सवालों को एनटीए के सिस्टम से सीधे तौर पर चुरा लिया। इस चोरी को छिपाने के लिए उन्होंने चालाकी से इन सवालों को हाथ से लिखवाया और इसे एक साधारण 'गेस पेपर' का नाम देकर मार्केट में उतार दिया। इस अवैध खेल में मनीषा वाघमारे नाम की महिला ने मुख्य एजेंट की भूमिका निभाई और इस तथाकथित गेस पेपर को देश के कई राज्यों में छात्रों और कोचिंग सेंटरों को लाखों रुपये में खुलेआम बेचा।
गेस पेपर से हूबहू मिले 270 सवाल, फिजिक्स के भी लीक होने के सबूत
सीबीआई को मिले तकनीकी और दस्तावेजी सबूतों के अनुसार, आरोपियों द्वारा तैयार किए गए इस गेस पेपर में बायोलॉजी के 180 और केमिस्ट्री के 90 सवाल शामिल थे, जो एनटीए के दोनों सेटों से अक्षरशः मेल खाते हैं। तीन मई को जो प्रश्नपत्र छात्रों के सामने आया था, उसमें बायोलॉजी के 90 और केमिस्ट्री के 45 सवाल यानी ठीक आधे प्रश्न इस चोरी किए गए प्रश्न बैंक से हूबहू उठाए गए थे। इसी तरह बाकी के आधे सवाल उस रिजर्व सेट से मेल खा गए जिसे एनटीए ने तिजोरी में बंद रखा था। मामले की गहराई से जांच कर रही सीबीआई को अब सिर्फ बायोलॉजी और केमिस्ट्री ही नहीं, बल्कि फिजिक्स (भौतिक विज्ञान) के भी कई महत्वपूर्ण सवालों के परीक्षा से पहले लीक होने के पुख्ता सबूत हाथ लगे हैं, जिससे परीक्षा की शुचिता पूरी तरह तार-तार हो गई है।
राहुल गांधी का सरकार पर तीखा हमला: बार-बार पेपर लीक पर पीएम चुप क्यों, शिक्षा मंत्री की बर्खास्तगी की मांग
नीट घोटाले की इस गंभीर रिपोर्ट के सार्वजनिक होते ही देश में सियासी भूचाल आ गया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सांसद राहुल गांधी ने इस मुद्दे को लेकर केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर बेहद तीखा हमला बोला है। राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर एक विस्तृत पोस्ट साझा करते हुए प्रधानमंत्री से सीधे तीन कड़े सवाल पूछे हैं। उन्होंने कहा कि देश यह जानना चाहता है कि आखिर देश के होनहार युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करते हुए बार-बार ये पेपर लीक क्यों हो रहे हैं? राहुल गांधी ने तंज कसते हुए पूछा कि करोड़ों छात्रों के भविष्य से जुड़े इस संवेदनशील मुद्दे और 'परीक्षा पे चर्चा' करने वाली सरकार आज इस महाघोटाले पर पूरी तरह मौन क्यों साधे हुए है?
'इस्तीफा और कमेटी' के चक्रव्यूह पर विपक्ष ने उठाए गंभीर सवाल
अपने राजनैतिक हमले को आगे बढ़ाते हुए राहुल गांधी ने सरकार की कार्यप्रणाली के ढर्रे को आड़े हाथों लिया। उन्होंने याद दिलाया कि साल 2024 में भी ठीक इसी तरह नीट का पेपर लीक हुआ था, लेकिन तब न तो परीक्षा रद्द की गई और न ही किसी जिम्मेदार ने इस्तीफा दिया; सरकार ने सिर्फ मामला सीबीआई को सौंपकर एक कमेटी बनाकर पल्ला झाड़ लिया था। अब साल 2026 में एक बार फिर वही इतिहास दोहराया गया है, जहाँ पेपर लीक होने के बाद चौतरफा दबाव में परीक्षा तो रद्द कर दी गई, लेकिन लगातार विफल साबित हो रहे शिक्षा मंत्री ने अब तक अपने पद से इस्तीफा नहीं दिया है। कांग्रेस सांसद ने प्रधानमंत्री से मांग की है कि जांच और नई कमेटियों के गठन की औपचारिकता पूरी करने के बजाय, छात्रों के भविष्य से लगातार खिलवाड़ करने वाले शिक्षा मंत्री को तत्काल प्रभाव से उनके पद से बर्खास्त किया जाना चाहिए।

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