यूरिया के लिए लाइन में लगे किसानों पर पहले मेहमाननवाज़ी, फिर लाठीचार्ज
रीवा। मध्य प्रदेश के रीवा जिले में इन दिनों यूरिया संकट ने हालात बिगाड़ दिए हैं। फसल बुवाई का समय है और किसान सबसे अधिक खाद की मांग कर रहे हैं, लेकिन जब उन्हें समय पर खाद नहीं मिल पा रही तो उनका आक्रोश सामने आने लगा है। पिछले एक सप्ताह से यहां करहिया मंडी और अन्य वितरण केंद्रों पर किसानों की भीड़ लगातार उमड़ रही है। कई किसान दो-दो दिन से लाइन में लगे रहते हैं, तब जाकर उनकी बारी आती है। हालात इतने बिगड़ गए कि मंगलवार की रात को पुलिस और किसानों के बीच टकराव हो गया, आरोप है कि टोकन का इंतजार कर रहे किसानों पर पुलिस ने जमकर लाठियां बरसाईं।
पुलिस ने बांटे चाय-बिस्किट फिर बरसाई लाठी
किसानों ने बताया कि दिनभर खाद का वितरण टोकन सिस्टम से हो रहा था और भारी भीड़ को काबू में रखने के लिए प्रशासन की ओर से पुलिस बल भी लगाया गया था। इंतजार से परेशान किसानों के बीच प्रशासन ने माहौल शांत करने के लिए चाय-बिस्किट भी बांटे। पुलिस अधिकारी खुद किसानों को समझाते रहे और उन्हें भरोसा दिलाते रहे कि सभी को खाद मिलेगा। लेकिन देर रात स्थिति अचानक बदल गई किसानों ने आरोप लगाया कि बदइंतजामी से नाराज होकर उन्होंने तहसीलदार, नायब तहसीलदार और मार्कफेड अधिकारियों को कमरे में बंद कर लिया। इसके बाद पुलिस हरकत में आई और भीड़ को हटाने के लिए बल प्रयोग किया गया. कई किसानों का कहना है कि पुलिस ने उन पर लाठियां भांजीं, जिससे गुस्सा और बढ़ गया।
सोशल मीडिया पर वायरल हुई तस्वीर
सोशल मीडिया पर आए वीडियो और घटनास्थल से मिले फुटेज में यह साफ देखा जा सकता है कि किस तरह से किसानों का भारी हुजूम खाद वितरण कार्यालय के बाहर जमा था। प्रशासन बार-बार किसानों से धैर्य बनाए रखने की अपील करता रहा, लेकिन लंबी प्रतीक्षा और बार-बार लौटने की मजबूरी ने किसानों को बेचैन कर दिया। उनका कहना है कि वे दूर-दराज के गांवों से कई किलोमीटर की दूरी तय कर खाद लेने पहुंचते हैं और वहां भी दो-दो दिनों तक लाइनों में लगना पड़ता है, इसके बावजूद उन्हें समय पर खाद नहीं मिलती।
प्रशासन ने आरोपों को बताया गलत
रीवा प्रशासन ने किसानों के आरोपों को नकारते हुए कहा कि किसी तरह का लाठीचार्ज नहीं हुआ है। प्रशासन का कहना है कि करहिया मंडी में एसडीएम हुजूर वैशाली जैन, तहसीलदार यतीश शुक्ला, तहसीलदार शिव शंकर और मार्कफेड की जिला प्रबंधक शिखा वर्मा लगातार खाद वितरण की निगरानी कर रहे थे। कुछ किसानों द्वारा अधिकारियों को कमरे में बंद किए जाने की जानकारी मिली, जिसके बाद हल्का बल प्रयोग किया गया ताकि व्यवस्था कायम रहे. प्रशासन का दावा है कि यूरिया पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है और सभी किसानों तक यह पहुंचाया जाएगा।

PM मोदी और जर्मन चांसलर के बीच अहम वार्ता, व्यापार से टेक्नोलॉजी तक सहयोग पर जोर
बिजली चोरी करने वालों पर कसा शिकंजा, जबलपुर में तीन आरोपी गिरफ्तार
रेलवे कुश्ती दंगल का खिताब उत्तर रेलवे के नाम, शानदार प्रदर्शन से जीती चैंपियनशिप
17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक MP में चलेगा सेवा संकल्प अभियान, जिलों में होंगे विशेष कार्यक्रम
‘हनुमान अंश’ की विदेशों में भी धूम, नॉर्थ अमेरिका में रिलीज से पहले ही करीब 1 करोड़ की कमाई
खुदरा खरीद से सोने की कीमतों में तेजी, तीन दिन की गिरावट का सिलसिला टूटा
किसानों की समृद्धि को बताया राष्ट्र की ताकत, मुख्यमंत्री डॉ. यादव का बड़ा बयान
बैंक ग्राहकों के लिए जरूरी खबर, 11 सितंबर से लगातार तीन दिन बैंकिंग सेवाएं रहेंगी प्रभावित
सुप्रीम कोर्ट ने लिया नाबालिग लड़की की सुरक्षा का संज्ञान, कहा- मामले को गंभीरता से लें