होर्मुज विवाद पर बढ़ा तनाव, Iran पर भरोसा नहीं: United Arab Emirates
होर्मुज जलडमरूमध्य संकट: यूएई ने ईरान पर जताया अविश्वास, वैश्विक तेल आपूर्ति ठप होने से मंदी का खतरा
दुबई: पश्चिम एशिया में 28 फरवरी से जारी सैन्य संघर्ष को समाप्त करने की तमाम कोशिशें अब तक बेअसर साबित हुई हैं। इस बीच संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने ईरान को लेकर एक बड़ा बयान दिया है, जिससे शांति वार्ताओं में गहरा अविश्वास साफ झलक रहा है। यूएई के एक वरिष्ठ अधिकारी ने शुक्रवार को स्पष्ट कहा कि सामरिक रूप से महत्वपूर्ण 'होर्मुज जलडमरूमध्य' को लेकर ईरान पर भरोसा नहीं किया जा सकता।
दुनिया की 20% तेल-गैस आपूर्ति पर संकट
पिछले दो महीनों से जारी जंग के कारण दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग ईरानी नाकाबंदी की वजह से बंद पड़ा है।
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अमेरिकी कार्रवाई: अमेरिकी नौसेना लगातार ईरानी कच्चे तेल के निर्यात को रोक रही है।
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आपूर्ति बाधित: इस सैन्य गतिरोध के कारण दुनिया की लगभग 20 प्रतिशत तेल और गैस की सप्लाई रुक गई है।
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महंगाई का असर: इसके परिणामस्वरूप वैश्विक बाजार में ऊर्जा की कीमतों में भारी उछाल आया है, जिससे दुनिया भर में आर्थिक मंदी की आशंका गहरा गई है।
युद्धविराम के बावजूद तनाव बरकरार
यद्यपि 8 अप्रैल से अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम लागू है, लेकिन हालिया सैन्य गतिविधियों और नए हमलों की खबरों ने बाजार को डरा दिया है। ईरान ने अपनी हवाई सुरक्षा प्रणालियों को सक्रिय कर दिया है और किसी भी हमले की स्थिति में 'व्यापक जवाबी कार्रवाई' की चेतावनी दी है। वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के ताजा शांति प्रस्ताव पर असंतोष जताया है। इस बीच, मध्यस्थता कर रहे पाकिस्तान ने अगली वार्ता के लिए फिलहाल कोई तारीख तय नहीं की है।
राजनयिक गतिरोध और अविश्वास की दीवार
यूएई के राष्ट्रपति सलाहकार अनवर गर्गश ने अंतरराष्ट्रीय कानूनों का हवाला देते हुए कहा कि समुद्री मार्ग की स्वतंत्रता ही प्राथमिक गारंटर होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि ईरान की आक्रामकता को देखते हुए उसके एकतरफा समझौतों पर भरोसा करना मुश्किल है। दूसरी ओर, ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाई ने स्पष्ट किया है कि बातचीत के तत्काल परिणामों की उम्मीद नहीं की जानी चाहिए।
वैश्विक अर्थव्यवस्था पर गहराता साया
होर्मुज जलडमरूमध्य के लंबे समय तक बंद रहने की चिंताओं के बीच वैश्विक तेल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड 111 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है। यह मार्च 2022 के बाद का सबसे उच्चतम स्तर है।
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गठबंधन की तैयारी: अमेरिका ने अपने सहयोगी देशों को 'मैरीटाइम फ्रीडम कंस्ट्रक्ट' गठबंधन में शामिल होने का निमंत्रण दिया है।
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रुक-रुक कर हमले: ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने अमेरिकी ठिकानों पर 'लंबे और दर्दनाक' हमलों की धमकी दी है।
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सहयोगियों का रुख: फ्रांस और ब्रिटेन ने कहा है कि वे जलडमरूमध्य को खोलने में तभी मदद करेंगे जब संघर्ष पूरी तरह समाप्त हो जाएगा।

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