पेट्रोल-डीजल और LPG पर सख्ती, 17 हजार से ज्यादा छापे
लखनऊ|उत्तर प्रदेश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की आपूर्ति को लेकर सरकार एक्शन मोड में है। कालाबाजारी और अवैध बिक्री पर अंकुश लगाने के लिए 12 मार्च से अब तक 17,581 छापेमारी और निरीक्षण किए गए हैं। इस दौरान एलपीजी वितरकों के खिलाफ 33 एफआईआर दर्ज की गईं, जबकि अन्य मामलों में 189 एफआईआर दर्ज कर 17 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इसके अलावा 224 लोगों के खिलाफ मुकदमे की कार्रवाई भी की गई है।मुख्य सचिव स्तर से जारी निर्देशों के बाद सभी जिलों में प्रशासन सक्रिय है और फील्ड में लगातार निगरानी की जा रही है। जिला पूर्ति अधिकारी और स्थानीय प्रशासन के अधिकारी नियमित रूप से निरीक्षण कर रहे हैं, ताकि उपभोक्ताओं को समय पर गैस सिलेंडर और ईंधन मिल सके।
घबराहट में ईंधन का भंडारण न करें
प्रदेश में पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति फिलहाल पूरी तरह सामान्य है। राज्य में 12,888 पेट्रोल पंप संचालित हैं। वर्तमान में प्रदेश में करीब 91 हजार किलोलीटर पेट्रोल और 1.15 लाख किलोलीटर डीजल का स्टॉक उपलब्ध है। सरकार ने लोगों से अपील की है कि घबराहट में ईंधन का भंडारण न करें।
20 प्रतिशत अतिरिक्त आवंटन की अनुमति
एलपीजी की स्थिति भी संतोषजनक बताई जा रही है। सरकार ने सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (सीजीडी) नेटवर्क के विस्तार पर भी जोर दिया है। वहीं, केंद्र सरकार ने 23 मार्च से वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडरों के 20 प्रतिशत अतिरिक्त आवंटन की अनुमति भी दी है।

IPL 2026 में मुंबई होटल में ब्रिटिश इंजीनियर की मौत, कमरे में बेहोश पाए गए
देहरादून फायरिंग और रिटायर्ड ब्रिगेडियर मुकेश जोशी हत्या मामला: चार आरोपी गिरफ्तार, चार फरार, बार बंद
मघड़ा मंदिर हादसा: सीएम नीतीश कुमार ने जताया दुख, 6-6 लाख रुपये मुआवजे का ऐलान
जबलपुर-चांदाफोर्ट ट्रेन यात्रियों को नहीं आई पसंद, खाली जा रहे जनरल कोच
पिछली भिड़ंत में बरसे थे 475 रन, जानें पंजाब किंग्स vs गुजरात टाइटंस के रिकॉर्ड
मध्य प्रदेश में 1 अप्रैल से स्कूलों में बनेंगे बच्चों के आधार कार्ड
अमेरिका ने ईरान की न्यूक्लियर साइट पर 1,000 किलोग्राम बम से हमला किया
‘हिडमा’ के नारों पर सियासत तेज, राहुल गांधी के ट्वीट पर घमासान