राहुल गांधी को गोली मारने की धमकी दिए जाने पर सिद्धारमैया हैरान, भाजपा की चुप्पी पर उठाए सवाल
बंगलूरू। कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया (CM Siddaramaiah) ने एक भाजपा नेता (BJP Leader) की उस टिप्पणी पर हैरानी जाहिर की, जिसमें भाजपा नेता ने राहुल गांधी (Rahul Gandhi) को सीने में गोली मारने की बात कही थी। मुख्यमंत्री ने सवाल उठाया कि क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) इस विचार का समर्थन करते हैं? मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि वैचारिक विरोधियों की आवाज दबाने की धमकी देना और जब वे नाकाम हो जाए, तो उन्हें खत्म कर देना, भाजपा और संघ परिवार के लिए कोई नई बात नहीं है।
कर्नाटक सीएम सिद्धारमैया ने सोशल मीडिया पर साझा एक पोस्ट में लिखा, ‘चौंकाने वाली बात यह है कि भाजपा के एक प्रवक्ता ने खुलेआम जान से मारने की धमकी देते हुए कहा है कि हम राहुल गांधी को सीने में गोली मार देंगे। यह धमकी लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को दी गई है, जो लगातार भाजपा और संघ परिवार के खिलाफ आवाज उठाते रहे हैं। इस धमकी ने पूरे देश को हैरान कर दिया है।’ सिद्धारमैया ने कहा, ‘इस तरह के बयान पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह की चुप्पी ने स्वाभाविक रूप से सभी को यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि क्या वे भी इस विचार का समर्थन करते हैं?’
सिद्धारमैया ने आरोप लगाया, ‘क्या संघ परिवार के चरमपंथियों के शिकार सिर्फ एक या दो हैं? महात्मा गांधी से शुरू होकर गोविंद पानसरे, नरेंद्र दाभोलकर, एम. एम. कलबुर्गी, गौरी लंकेश और कई अन्य लोगों की हत्याओं की सूची बढ़ती ही जा रही है।’ सिद्धारमैया ने कहा कि ‘ये तथ्य है कि वे अपने विरोधियों का मुकाबला बातचीत और बहस के जरिए नहीं कर सकते और इसके बजाय शारीरिक हिंसा का सहारा लेते हैं, यह उनके बौद्धिक दिवालियापन को उजागर करता है।’ उन्होंने कहा कि भले ही संघ परिवार के नेता इन हत्यारों से कोई संबंध न होने का दावा करके अपना पल्ला झाड़ लेते हैं, लेकिन वे अपने हाथों पर लगे खून के दाग कभी नहीं धो पाए हैं।
सिद्धारमैया ने दावा किया, ‘पहले भी, न सिर्फ मुझे, बल्कि देश के कई लेखकों, विचारकों और कार्यकर्ताओं को पत्रों के जरिए जान से मारने की धमकियां मिली हैं। पुलिस इन घटनाओं की जांच कर रही है। उन्होंने आगे कहा कि वह कभी भी ऐसी धमकियों के आगे नहीं झुके और न ही अपने आदर्शों से समझौता किया।’ सिद्धारमैया ने कहा, ‘ऐसे ही हत्यारों के हाथों राहुल गांधी ने अपनी दादी और पिता दोनों को खोया। भाजपा वालों को पता चल जाना चाहिए कि राहुल गांधी अकेले नहीं हैं, उन्हें लाखों कार्यकर्ताओं और नागरिकों का अटूट समर्थन मिला हुआ है।’

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