चौंकाने वाला सच: इस भारतीय खिलाड़ी को हो गया था लकवा
नई दिल्ली: श्रेयस अय्यर को मौजूदा दौर के बेस्ट वनडे फॉर्मेट खिलाड़ियों में से एक माना जाता है. दाएं हाथ का ये बल्लेबाज टीम इंडिया को चैंपियंस ट्रॉफी जिता चुका है और 2023 में उन्होंने भारतीय टीम को वर्ल्ड कप फाइनल तक भी पहुंचाया था. लेकिन इस कामयाबी के पीछे उन्होंने क्या-क्या दर्द झेला है इसका खुलासा अब हुआ है. श्रेयस अय्यर ने बताया कि साल 2023 में उन्होंने एक ऐसी चोट झेली जिसकी वजह से उनके एक पांव ने काम करना बंद कर दिया था.श्रेयस अय्यर ने खुलासा किया कि उन्हें एक पांव में लकवा मार गया था.
श्रेयस अय्यर को मार गया था लकवा?
श्रेयस अय्यर ने GQ India से बातचीत में ये दर्दनाक खुलासा किया. अय्यर ने कहा, ‘मैं किस दर्द से गुजरा हूं ये कोई नहीं समझ सकता. मेरा एक पांव पूरी तरह से चलना बंद हो गया था, मुझे एक पांव में लकवा मार गया था. मेरी स्पाइन की सर्जरी हुई थी और मेरी कमर पर एक रॉड डाली गई थी, वो एक बहुत ही दर्दनाक और खतरनाक अनुभव था. मुझे बहुत ज्यादा दर्द होता था, मेरी कमर से लेकर ऐड़ी तक काफी दर्द होता था. वो बहुत ही डरावना अनुभव था.’
श्रेयस अय्यर को साल 2023 में पीठ की सर्जरी करानी पड़ी थी जिसकी वजह से वो आईपीएल में नहीं खेल पाए थे. यही नहीं वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में भी वो नहीं खेल सके. इस चोट की वजह से दिल्ली कैपिटल्स ने उनकी जगह पंत को कप्तान बना दिया और फिर उन्होंने ये फ्रेंचाइजी ही छोड़ दी.
‘खिलाड़ियों को रोबोट समझते हैं लोग’
श्रेयस अय्यर ने उन लोगों पर भी निशाना साधा जो कि खिलाड़ियों के कुछ मैचों में फेल होने पर उन्हें ट्रोल करते हैं. अय्यर ने कहा, ‘लोग खिलाड़ियों को अकसर रोबोट की तरह समझते हैं. उन्हें लगता है कि वो हर मैच में प्रदर्शन करेंगे. उन्हें इसका आभास नहीं होता कि पर्दे के पीछे क्या चल रहा है.’ बता दें श्रेयस अय्यर ने इतना अच्छा प्रदर्शन करने के बावजूद नाकामी का मुंह देखा है. फिलहाल वो एशिया कप के लिए टीम इंडिया में जगह नहीं बना पाए लेकिन ये खिलाड़ी इसके बावजूद हार मानने को तैयार नहीं है. अय्यर जल्द वनडे के अलावा टेस्ट और टी20 फॉर्मेट में वापसी करना चाहते हैं.

सीएम हेल्पलाइन की शिकायत का त्वरित समाधान
सपनों को मिला कलेक्टर का साथ, द कलेक्टर्स-15 से शुरू हुई बदलाव की नई इबारत
मध्यप्रदेश पुलिस के अधिकारी राकेश कुमार कुशवाह ने ओपन इंडिया प्री-स्टेट शूटिंग प्रतियोगिता में जीता स्वर्ण पदक
प्रधानमंत्री मोदी ने सीधी जिले में बने 1500 तालाबों और नरसिंहपुर के अमृत सरोवरों का मन की बात में किया उल्लेख
युवाओं के नवाचार और स्टार्टअप संस्कृति को मिलेगा नया आयाम : वित्त मंत्री ओपी चौधरी
जैविक खेती से एरिन भगत बनीं आत्मनिर्भर, प्राकृतिक कृषि से घटी खेती की लागत
अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस में भोपाल में "रन फॉर टाइगर का भव्य आयोजन
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निवाड़ी के नवीन संयुक्त कलेक्ट्रेट भवन का किया लोकार्पण
बिहान योजना से मिली नई पहचान, पोषण सखी बन महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य की बनीं संरक्षक