राजेन्द्र भारती की मुश्किलें बढ़ीं, कोर्ट में मामला फिर टला
नई दिल्ली|कांग्रेस नेता राजेन्द्र भारती की समस्याएं खत्म होने का नाम नहीं ले रही। 15 अप्रैल बुधवार को राजेन्द्र भारती मामले में सुनवाई होनी थी लेकिन उनके वकील कोर्ट में नहीं पहुंचे।जिसके चलते सुनवाई नहीं हो सकी। अब दिल्ली हाई कोर्ट ने 28 अप्रैल सुनवाई की नई तारीख तय की है। कांग्रेस नेता राजेंद्र भारती की विधायकी हाईकोर्ट के फैसले पर टिकी है। सहकारिता बैंक घोटाला मामले में उन्हें एमपी-एमएलए कोर्ट ने 3 साल की सजा सुनाई है। जिसके बाद उनकी विधायकी खत्म हो चुकी है। उन्होंने फैसले को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका लगाई है। ऐसे में उनका आगे का सियासी भविष्य कोर्ट के फैसले पर टिका है। फैसले से पहले कांग्रेस नेता भारती लगातार भाजपा पर आरोपों की बौछार कर रहे हैं। तीन दिन पहले राजेन्द्र भारती ने भोपाल में प्रेसवार्ता का आयोजन कर आरोप लगाया था कि उन्हें भाजपा के एक केन्द्रीय मंत्री के ओएसडी ने 70 करोड़ रुपये का आफर देकर भाजपा में शामिल होने के लिए कहा था इसके साथ ही भारतीय ने कहा था कि उनके डेढ़ सौ करोड़ रुपये अब तक बर्बाद हो चुके हैं। अब सवाल इस बात का उठता है कि राजेन्द्र भारती के पास डेढ़ सौ करोड़ से अधिक का धन कहां से आया जिसके खर्च होने की बात उन्होने की। जब कांग्रेस नेता ने खुद इस बात को स्वीकार किया तो यह सवाल खड़ा होता है कि भारतीय के पास इतने पैसे हैं तो दस लाख एफडी मामले में वो किस तरह फंसे। कोर्ट से भारती को तीन साल की सजा होने के बाद वो अलग-अलग बयान देते नजर आ रहे हैं और अपनी समस्याओं का दोस भाजपा और भाजपा के नेताओं पर मढ़ते हुए देखे जा रहे हैं।

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