दुष्कर्म केस में राजस्थान हाईकोर्ट सख्त, जमानत पर लगाई रोक
नई दिल्ली। देश की सर्वोच्च अदालत सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान हाईकोर्ट के उस आदेश पर रोक लगा दी है, जिसमें दुष्कर्म मामले के आरोपियों को अंतरिम जमानत दी गई थी। अदालत ने कहा कि इतने गंभीर मामले में सभी पक्षों को सुनने के बाद ही कोई राहत दी जा सकती है। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में नोटिस जारी करते हुए चार सप्ताह के भीतर जवाब मांगा है। यह आदेश 13 अप्रैल को न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा और न्यायमूर्ति मनमोहन की पीठ ने सुनाया। सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि हाईकोर्ट चाहे तो दोनों पक्षों को सुनकर नए सिरे से आवेदन पर विचार कर सकता है, लेकिन फिलहाल अंतरिम आदेश का प्रभाव रोक दिया गया है।
DNA सबूतों का दावा
पीड़िता की ओर से दायर याचिका में दावा किया गया है कि जांच के दौरान अहम फॉरेंसिक सबूत मिले हैं। इनमें DNA जांच भी शामिल है, जो कथित रूप से एक आरोपी से मेल खाती है। इसके अलावा, भ्रूण से मिले जैविक नमूनों का भी मिलान होने की बात कही गई है। याचिका में यह भी कहा गया है कि आरोपियों को अंतरिम राहत मिलने के बाद वे लंबे समय तक गिरफ्त से बाहर रहे, जबकि पीड़िता को धमकियां और दबाव का सामना करना पड़ा। पीड़िता पक्ष का कहना है कि हाईकोर्ट का आदेश बिना कारण बताए एक लाइन में पारित किया गया, जो गंभीर अपराध के मामलों में न्यायिक प्रक्रिया के विपरीत है। याचिका में यह भी तर्क दिया गया कि BNSS की धारा 528 के तहत दी गई राहत को अग्रिम जमानत का विकल्प नहीं बनाया जा सकता।

जेपी अस्पताल में हंगामा, 21 कर्मचारियों की बर्खास्तगी के बाद आत्मदाह की चेतावनी
चीन-फिलीपींस समुद्री विवाद फिर सुर्खियों में, वॉटर कैनन घटना पर दुनिया की नजर
भारत स्काउट्स-गाइड्स के निपुण टेस्टिंग कैंप का शुभारंभ, प्रतिभागियों में उत्साह
दिल्ली में सुरक्षा कड़ी, जंतर-मंतर क्षेत्र में इंटरनेट सेवा पर रोक और 17 मेट्रो स्टेशन बंद
राहुल के प्रदर्शन को लेकर सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश से हस्तक्षेप की अपील
जबरा फैन ने कर दी ऐसी हरकत, काजल अग्रवाल ने शेयर किया हैरान कर देने वाला अनुभव
NYC में दो लोगों पर चाकू से हमला, पुलिस हेट क्राइम एंगल से कर रही जांच
GRP के हत्थे चढ़ा ट्रेन चोर, यात्रियों का चोरी हुआ लाखों का सामान मिला
वैभव सूर्यवंशी ने अपने पहले टी20 अर्धशतक को किया खास शख्स के नाम, जानिए वजह