इंदौर में बारिश का कहर: सड़कों की चूरी बह गई, हर तरफ गड्ढों का जाल
इंदौर। सफाई में सिरमौर बन चुके इंदौर में दूसरी समस्याएं शहर की इमेज खराब कर रही है। इंदौर के कई प्रमुख मार्गों पर तो ठीक, ब्रिजों पर गड्ढे हो चुके है। इससे हादसे बढ़ गए है और लोग अपनी जान गंवा रहे है। जिन इलाकों में निर्माण कार्य हो रहे है। वहां हालत ज्यादा खराब है। पिछले दिनों मेघदूत उपवन के सामने सड़क धंसने का मामला तो प्रदेशभर में चर्चित हो चुका है।
पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान इंदौर के सुपर काॅरिडोर की तुलना लंदन की सड़कों से कर चुके है, लेकिन मेट्रो रूट बनने के बाद काॅरिडोर पर भी गड्ढे हो चुके है और पेचवर्क की नौबत आने लगी है। इसके अलावा खजराना से गणेश मंदिर की तरफ जाने वाली सर्विस रोड भी खराब पड़ी है। इंदौर के इस्काॅन मंदिर में कृष्ण जन्मअष्ठमी पर बड़ा आयोजन होता है, लेकिन मंदिर तक जाने वाली सड़क की हालत खराब है। निगमायुक्त शिवम वर्मा खुद उस सड़क की हालत देखने पहुंचे।
डायवर्शन मार्ग पर बड़े गड्ढे
एमआर-10 जंक्शन पर बन रहे ब्रिज के कारण ट्रैफिक को स्कीम नंबर 134 के मार्गों पर डायवर्ट किया गया है, लेकिन वाहनों की लगातार आवाजाही के कारण सड़कों पर गड्ढे हो गए है। दो पहिया वाहन चालकों को चलने में परेशानी आ रही है। बायपास के हेवी ट्रैफिक एमआर-11 से गुजर रहा है। इस कारण उस सड़क पर भी गड्ढों की भरमार हो चुकी है। इसके अलावा मधुमिलन चौराहा, विजय नगर, खातीवाला टैंक, सुदामा नगर सहित कई मार्गों पर पेचवर्क की जरुरत पड़ने लगी हैं। नगर निगम की जनकार्य समिति के प्रभारी राजेंद्र राठौर ने कहा कि वर्षाकाल के बाद सड़कों की मरम्मत का काम शुरू किया जाएगा। सबसे पहले झांकी मार्ग को दुरुस्त किया जाएगा।

मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना के अंतर्गत प्रति माह प्रदान की जाने वाली राशि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा लाभार्थियों के खातों में अंतरित की गई।
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