रेलवे की वंदेभारत स्लीपर में कोचों की संख्या बढ़ाने की तैयारी
नई दिल्ली। देश की पहली सेमी हाईस्पीड स्लीपर ट्रेन वंदेभारत को यात्रियों की मिल रही जबरदस्त प्रतिक्रिया को देखते हुए भारतीय रेलवे ने बड़ा फैसला लिया है। यह ट्रेन गुवाहाटी से हावड़ा के बीच चलकर यात्रियों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो गई है। ट्रेन में ज्यादा से ज्यादा लोगों को कंफर्म टिकट मिल सके, इसके लिए वंदेभारत स्लीपर में कोचों की संख्या बढ़ाने की तैयारी की जा रही है। 160 किमी प्रति घंटे की अधिकतम रफ्तार और एडवांस्ड तकनीक के साथ यह वंदेभारत स्लीपर अब तक की सबसे खास ट्रेन मानी जा रही है। रेल मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक, स्लीपर वंदेभारत शुरू होने के महज 10 दिन के भीतर ही रेलवे ने इसकी क्षमता बढ़ाने का निर्णय लिया है। मौजूदा समय में यह ट्रेन 16 कोच के साथ चल रही है, लेकिन भविष्य में इसे 24 कोच के साथ चलाने की योजना बनाई गई है। यानी वंदेभारत स्लीपर अब पहले से कहीं ज्यादा लंबी और ज्यादा क्षमता वाली ट्रेन बनने जा रही है।
यह पहली बार होगा जब वंदेभारत श्रेणी की किसी ट्रेन में 24 कोच लगाए जाएंगे। कोचों की संख्या बढ़ने से यात्रियों की संख्या में भी बड़ा इजाफा होगा। फिलहाल 16 कोच वाली वंदेभारत स्लीपर में सभी श्रेणियों को मिलाकर कुल 823 बर्थ उपलब्ध हैं। वहीं 24 कोच वाली ट्रेन में बर्थ की संख्या बढ़कर 1,224 हो जाएगी। इसका सीधा फायदा यह होगा कि ज्यादा यात्री इस आधुनिक और आरामदायक ट्रेन से सफर कर सकेंगे और टिकट कंफर्म होने की संभावना भी बढ़ेगी। रेलवे के अनुसार, 24 कोच वाली वंदेभारत स्लीपर ट्रेन का निर्माण चेन्नई स्थित इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (आईसीएफ) में ‘मेक इन इंडिया’ पहल के तहत किया जाएगा। हाल ही में शुरू हुई वंदेभारत स्लीपर का ऑक्यूपेंसी रेट 100 प्रतिशत से भी ज्यादा रहने के कारण रेलवे ने अधिक क्षमता वाली ट्रेन की योजना पर तेजी से काम शुरू कर दिया है।
बताया जा रहा है कि इस ट्रेन में थर्ड एसी कोचों की संख्या ज्यादा होगी, ताकि आम यात्रियों को भी इसका लाभ मिल सके। भारतीय रेलवे 24 कोच वाली वंदेभारत स्लीपर के डिजाइन पर काम कर रहा है और उम्मीद है कि इसका पहला प्रोटोटाइप 2026 के अंत तक तैयार हो जाएगा। इस ट्रेन में 17 एसी थ्री-टियर कोच, 5 एसी टू-टियर कोच, 1 एसी फर्स्ट क्लास कोच और 1 एसी पैंट्री कार शामिल होगी। सुविधाओं की बात करें तो इसमें आरामदायक बर्थ, रीडिंग लाइट, मोबाइल और लैपटॉप चार्जिंग पॉइंट, वाई-फाई आधारित सूचना और मनोरंजन प्रणाली, वैक्यूम टॉयलेट, ज्यादा लगेज स्पेस और आधुनिक इंटीरियर होगा। साथ ही दिव्यांग यात्रियों के लिए विशेष टॉयलेट और रैंप की सुविधा भी दी जाएगी।

खाद्य मंत्री बघेल ने उपभोक्ता संरक्षण विषय पर दो दिवसीय कार्यशाला का किया शुभारंभ
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के जन्मदिवस पर लखनपुर में विशेष पूजा-अर्चना, मंत्री राजेश अग्रवाल ने मरीजों को बांटे फल
51 फीट की दिव्य वनवासी श्रीराम की प्रतिमा ग्वालियर से रवाना
"समृद्ध किसान-समृद्ध प्रदेश" के लक्ष्य को किया जा रहा है साकार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
आश्रम-छात्रावास में ‘सीखो-सिखाओ, अंजोर फैलाओ’ कार्य संस्कृति के जरिए विद्यार्थियों को जीवन की चुनौतियों से मुकाबला करने किया जा रहा तैयार
परीक्षा पूर्व विद्यार्थियों के लिए ‘हेल्पलाइन 2026’ मार्गदर्शन एवं परामर्श की सशक्त पहल
समाज की प्रगति के लिए संगठित रहना आवश्यक - वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री देवांगन
‘प्रोजेक्ट चीता’ ‘प्रकृति से प्रगति’ का संदेश देती विश्व की सबसे सफल परियोजना : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
मध्यप्रदेश पुलिस अकादमी भोपाल में प्रशिक्षु उप पुलिस अधीक्षकों के बीच मैत्री वॉलीबाल मैच आयोजित
रतलाम के डायल-112 हीरोज: