पेपर लीक घोटाला: दिल्ली की शिक्षिका ने NEET-UG 2026 के सवाल तैयार करने में की मदद
नई दिल्ली। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने नीट-यूजी 2026 परीक्षा के जीव विज्ञान (बायोलॉजी) का पर्चा लीक होने के सनसनीखेज मामले में एक और बड़ी कामयाबी हासिल की है। जांच एजेंसी ने इस पूरे खेल की मुख्य कड़ियों में से एक, महाराष्ट्र के पुणे की निवासी और वनस्पति विज्ञान (बॉटनी) की वरिष्ठ शिक्षिका मनीषा गुरुनाथ मंडहरे को देश की राजधानी दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया है। शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग की शिकायत पर बीते 12 मई को मुकदमा दर्ज करने के बाद से ही सीबीआई की विशेष टीमें इस परीक्षा घोटाले की तह तक जाने के लिए देशव्यापी अभियान चला रही हैं।
विशेषज्ञ पद का दुरुपयोग और गुप्त कोचिंग क्लास का संचालन
जांच के दौरान यह बेहद चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि आरोपी शिक्षिका मनीषा मंडहरे को नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) द्वारा नीट-यूजी 2026 की परीक्षा प्रक्रिया में एक विशेषज्ञ के तौर पर शामिल किया गया था। इस रसूखदार पद पर होने के कारण उनकी पहुंच बॉटनी और जूलॉजी के गोपनीय प्रश्नपत्रों तक सीधे तौर पर थी। सीबीआई के अनुसार, मनीषा ने इस भरोसे का फायदा उठाते हुए अप्रैल महीने में अपनी एक अन्य सहयोगी मनीषा वाघमारे के माध्यम से नीट परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों का एक बड़ा समूह इकट्ठा किया और पुणे स्थित अपने निजी आवास पर एक विशेष कोचिंग क्लास का आयोजन किया, जहां परीक्षा से पहले ही छात्रों को असली प्रश्नपत्र के कई सवाल नोट करवा दिए गए थे।
देशव्यापी छापेमारी और ठगी के पुख्ता सबूतों की बरामदगी
सीबीआई की कड़ाई से की गई शुरुआती पूछताछ में सामने आया कि उन गुप्त कक्षाओं में छात्रों को जो प्रश्न और नोट्स लिखवाए गए थे, वे 3 मई को आयोजित हुई वास्तविक नीट परीक्षा के सवालों से हूबहू मेल खाते थे। इस बात की पुष्टि होते ही जांच एजेंसी ने पिछले चौबीस घंटों के भीतर देश के छह अलग-अलग ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की है। इस सघन तलाशी अभियान के दौरान जांच दल ने कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, लैपटॉप, बैंक खातों के विवरण और मोबाइल फोन जब्त किए हैं, जिनकी बारीकी से तकनीकी जांच की जा रही है ताकि पैसों के लेन-देन के पुख्ता सबूत जुटाए जा सकें।
बिचौलियों के नेटवर्क का पर्दाफाश और गिरफ्तारियों का सिलसिला
इस बड़े पेपर लीक मामले में सीबीआई का शिकंजा अब दिल्ली, जयपुर, गुरुग्राम, नासिक, पुणे और अहिल्यानगर तक फैल चुका है, जहां से अब तक कुल नौ आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजा जा चुका है। पकड़े गए शातिर अपराधियों में से पांच को अदालत ने सात दिनों के लिए पुलिस रिमांड पर सौंप दिया है, जिनसे आगे की पूछताछ की जा रही है। जांच अधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि उन्हें केमिस्ट्री और बायोलॉजी के पेपर लीक करने वाले मुख्य स्रोतों और छात्रों से लाखों रुपये ऐंठकर उन्हें इन स्पेशल क्लासों तक पहुंचाने वाले बिचौलियों के पूरे नेटवर्क का पता चल गया है, और इस रैकेट में शामिल किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।

'जन नायकन' की स्टारकास्ट की फीस आई सामने, विजय सबसे आगे, बाकी सितारों को क्या मिला?
खूंखार सियार का आतंक! घर में घुसकर सात लोगों को काटा, मची अफरा-तफरी
सोनम रघुवंशी की मुश्किलें बढ़ीं, सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की जमानत
Infosys के Q1 रिजल्ट से पहले दबाव में शेयर, जानें कैसी रह सकती है परफॉर्मेंस
रिकॉर्ड से बस 16 रन दूर अभिषेक शर्मा, कोहली-केएल राहुल वाले एलीट क्लब में एंट्री तय?
मुख्यमंत्री का बड़ा दौरा आज, 340 करोड़ के विकास कार्यों की रखेंगे आधारशिला
इस्तीफे की मांग पर विपक्ष अडिग, सरकार ने दी चर्चा की चुनौती
शास्त्री की ड्रीम वनडे XI में एंडरसन और जहीर को नहीं मिली जगह, कप्तानी पर भी बड़ा फैसला