युवक की मौत पर भड़का गुस्सा, आगरा में जमकर बवाल
आगरा। उत्तर प्रदेश के आगरा जिले के फतेहाबाद क्षेत्र में सोमवार को एक भीषण सड़क हादसे के बाद जबरदस्त हंगामा और पथराव हुआ। फिरोजाबाद मार्ग पर पूठपुरा गाँव के पास एक तेज रफ्तार थार कार ने बाइक सवार 22 वर्षीय मनीष को कुचल दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। कार ने कई अन्य वाहनों को भी अपनी चपेट में लिया, जिससे तीन लोग घायल हो गए। हादसे से गुस्साए ग्रामीणों ने सड़क पर शव रखकर जाम लगा दिया और थार गाड़ी में जमकर तोड़फोड़ की। मौके पर पहुँचे मत्स्य मंत्री के समझाने पर भी जब लोग नहीं माने, तो पुलिस ने उन्हें हटाने का प्रयास किया। इसी दौरान उग्र भीड़ ने पुलिस पर पथराव कर दिया। बिना सुरक्षा उपकरणों (हेलमेट और बॉडी प्रोटेक्टर) के पहुँचे पुलिसकर्मी जान बचाकर भागने लगे। करीब 15 मिनट तक चले इस पथराव में फतेहाबाद के एक इंस्पेक्टर और पाँच दरोगा समेत 11 पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए। बाद में कई थानों की फोर्स ने लाठीचार्ज कर स्थिति पर काबू पाया। पुलिस ने इस मामले में चार संदिग्धों को हिरासत में लिया है।
तीन घंटे तक एम्बुलेंस रोककर काटा बवाल
हादसे के बाद गुस्साए ग्रामीणों ने फिरोजाबाद मार्ग को पूरी तरह ठप कर दिया। जब पुलिस ने शव को एम्बुलेंस में रखकर पोस्टमार्टम के लिए ले जाने की कोशिश की, तो भीड़ और भड़क गई। ग्रामीणों ने जबरन शव को एम्बुलेंस से बाहर निकालकर दोबारा सड़क पर रख दिया। लोगों का आरोप था कि पुलिस ने थार चालक को मौके से भगा दिया है। तनाव बढ़ता देख पुलिस ने जब वीडियो कॉल के जरिए 500 मीटर दूर पेट्रोल पंप पर सीज खड़ी थार गाड़ी दिखाई, तो भीड़ वहाँ पहुँच गई। उग्र ग्रामीणों ने गाड़ी में आग लगाने की कोशिश की और पुलिस पर ईंट-पत्थर बरसाने शुरू कर दिए। पुलिसकर्मियों को अपनी गाड़ियों के साथ करीब आधा किलोमीटर तक पीछे दौड़ना पड़ा। आखिरकार भारी पुलिस बल ने लाठीचार्ज कर उपद्रवियों को खदेड़ा।
पाँच महीने पहले हुई थी शादी, बुआ के लड़के की लगन में आया था युवक
सड़क हादसे का शिकार हुआ मनीष (22 वर्ष) दयालबाग (आगरा) का निवासी था और एक कपड़े की दुकान पर काम करता था। इसी साल फरवरी माह में उसकी शादी फिरोजाबाद में हुई थी। मनीष अपने बुआ के लड़के के लगन-टीका समारोह में शामिल होने फतेहाबाद के पिन्नापुरा गाँव आया था, तभी यह हादसा हो गया। इस असमय मौत से शादी वाले घर में मातम पसर गया है और पत्नी व परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। इस दुर्घटना में सुभाष, विवेक और कालू नामक तीन अन्य राहगीर भी घायल हुए हैं, जिनका इलाज चल रहा है।
बिना तैयारी पहुँची पुलिस, साढ़े तीन घंटे बंद रहा मुख्य मार्ग
इस पूरे बवाल में पुलिस प्रशासन की लापरवाही भी सामने आई। अधिकारियों द्वारा ग्रामीणों के गुस्से का सही अंदाजा न लगा पाने के कारण पुलिस बल बिना दंगा नियंत्रण उपकरणों, हेलमेट और लाठियों के ही मौके पर पहुँच गया था। यही वजह रही कि पथराव के दौरान दरोगा धीरेंद्र कुमार भीड़ के बीच फँस गए, जिससे उनकी वर्दी फट गई और कई पुलिसकर्मियों के सिर में चोटें आईं। इस हंगामे के कारण फतेहाबाद-फिरोजाबाद मार्ग करीब साढ़े तीन घंटे तक पूरी तरह बंद रहा और सड़क पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। बाद में पुलिस ने उजावली गाँव की सर्विस रोड और भोलपुरा रोड से ट्रैफिक को डायवर्ट किया। फिलहाल घटनास्थल और पोस्टमार्टम हाउस पर तनाव को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।

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