Seoni के स्कूलों में बड़ा फर्जीवाड़ा उजागर
मध्यप्रदेश के सिवनी| जिले के पीएमश्री स्कूलों में सरकारी योजनाओं के नाम पर बड़े पैमाने पर अनियमितताओं का मामला सामने आया है. प्राथमिक जांच में खुलासा हुआ है कि जहां स्कूल में लगभग 200 छात्र दर्ज हैं, वहां 400 थाली मध्यान्ह भोजन का बिल लगाया गया. इतना ही नहीं, 4 हजार रुपये कीमत का साउंड बॉक्स 44 हजार रुपये में खरीदे जाने का मामला भी सामने आया है|
शिक्षा विभाग में मचा हड़कंप
मामला सामने आने के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है. जानकारी के अनुसार, यह पूरा मामला पीएम पोषण योजना के तहत खर्च की गई राशि से जुड़ा है. पीएम पोषण योजना के तहत बच्चों को पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने के लिए सरकार द्वारा राशि जारी की जाती है, लेकिन यहां बच्चों के हक पर ही सवाल खड़े हो गए हैं|
कच्चे बिलों पर भुगतान, रिकॉर्ड गायब
प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि कई सामग्रियों की खरीद कच्चे बिलों के आधार पर की गई. स्कूल प्रबंधन द्वारा प्रस्तुत बिलों और वास्तविक बाजार कीमतों में भारी अंतर पाया गया. साउंड बॉक्स का मामला सबसे ज्यादा चौंकाने वाला है, जहां 4 हजार रुपये की वस्तु का भुगतान 44 हजार रुपये दर्शाया गया|
शैक्षणिक सामग्री की खरीदी में भी गड़बड़ियां
इसके अलावा भोजन, स्टेशनरी और अन्य शैक्षणिक सामग्री की खरीदी में भी गड़बड़ियां सामने आई हैं. कई जगह स्टॉक रजिस्टर और उपयोग का रिकॉर्ड ठीक से संधारित नहीं किया गया. इससे यह आशंका और गहरी हो गई है कि सरकारी राशि का दुरुपयोग सुनियोजित तरीके से किया गया|
डीपीआई तक पहुंची फाइल
मामले की गंभीरता को देखते हुए तीन स्कूलों की फाइलें जांच के लिए डीपीआई भोपाल भेजी गई हैं. शिक्षा विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, उच्च स्तरीय जांच के बाद जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. जांच रिपोर्ट में यह भी उल्लेख है कि विद्यार्थियों की वास्तविक उपस्थिति और भोजन वितरण के आंकड़ों में मेल नहीं है. यदि स्कूल में 200 छात्र हैं तो 400 थाली भोजन का बिल कैसे लगाया गया, यह बड़ा सवाल है|
राजनीतिक प्रतिक्रिया तेज
मामले को लेकर विपक्ष ने भी सरकार को घेरा है. कांग्रेस विधायक जयवर्धन सिंह ने आरोप लगाया कि शिक्षा विभाग में निगरानी तंत्र पूरी तरह से फेल हो चुका है और बच्चों के नाम पर भ्रष्टाचार हो रहा है. उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में कई एफआईआर दर्ज हुई हैं, लेकिन कार्रवाई लंबित पड़ी है|
शिक्षा व्यवस्था पर सवाल
इस पूरे प्रकरण ने सरकारी स्कूलों की मॉनिटरिंग व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. बच्चों के भोजन और बुनियादी सुविधाओं के लिए जारी की गई राशि में इस तरह की गड़बड़ी न केवल आर्थिक अपराध है, बल्कि यह सामाजिक संवेदनहीनता भी दर्शाती है|

HAL-Safran डील: भारत में बनेंगे LEAP इंजन के अहम पार्ट्स, 'मेक इन इंडिया' को मिली बड़ी उड़ान
25 करोड़ के बंगले से लेकर करोड़ों की संपत्ति तक, जानिए 'फिरकी मास्टर' की पूरी दौलत
खुशियां मातम में बदलीं! शादी से लौटते वक्त तालाब में गिरी कार, 5 की जान गई
रणबीर-यश की 'रामायण' का ट्रेलर आने को तैयार, जानिए भारत में कब और कितने बजे होगा रिलीज
सरकारी इंजीनियर निकला अरबों की संपत्ति का मालिक, ACB ने दबोचा
मुख्य सचिव पद पर IAS अशोक बर्णवाल की नियुक्ति, सीएम मोहन यादव ने दी बधाई
स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं के लिए खुशखबरी! जून में 1 करोड़ 12 लाख रुपये की राहत
पति की हत्या के लिए बनाया खौफनाक प्लान, करैत से डसवाया; तस्कर भी पुलिस के शिकंजे में
छात्र आंदोलन की गूंज महाराष्ट्र तक, आज राज्यव्यापी बंद का ऐलान
चांदी के दाम में आई नरमी, खरीदारी से पहले देखें अपने शहर का नया भाव