3000 किलो हेरोइन मामले में बड़ी गिरफ्तारी, ईडी ने दबोचा मुख्य आरोपी
नई दिल्ली: वेनेजुएला में आए विनाशकारी भूकंप ने भारत के तेल व्यापार के लिए नई चिंताएं खड़ी कर दी हैं। मिडिल ईस्ट में जारी संकट के बीच भारत ने वेनेजुएला से कच्चे तेल का आयात तेजी से बढ़ाया था, लेकिन अब इस प्राकृतिक आपदा के चलते वहां बिजली कटौती, परिवहन व्यवस्था में बाधा और बंदरगाहों पर आपातकालीन प्रतिबंध लग गए हैं। इसके कारण कच्चे तेल की माल ढुलाई कई दिनों या हफ्तों तक धीमी होने की आशंका है।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के बाद अब एक और संकट
यह आपदा ऐसे समय में आई है जब भारत पहले से ही मिडिल ईस्ट के 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' मार्ग पर तनाव के कारण तेल आपूर्ति में व्यवधान का सामना कर रहा था। हालांकि, कुछ दिन पहले ही अमेरिका और ईरान के बीच हुए शांति समझौते से उम्मीद जगी थी कि इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग का व्यवधान कम हो जाएगा। लेकिन अब वेनेजुएला में आए इस संकट ने भारतीय तेल बाजार के सामने एक नई चुनौती खड़ी कर दी है।
मुंद्रा पोर्ट ड्रग्स केस में कबीर तलवार गिरफ्तार
दूसरी ओर, राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में केंद्रीय जांच एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने एक बड़ी कार्रवाई की है। ईडी ने 24 और 25 जून को दिल्ली के छह ठिकानों पर छापेमारी के बाद दिल्ली निवासी हरप्रीत सिंह तलवार उर्फ कबीर तलवार को गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई सितंबर 2021 में गुजरात के मुंद्रा बंदरगाह पर जब्त की गई लगभग 3000 किलोग्राम हेरोइन से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में की गई है। इस मामले में एनआईए (NIA) भी तलवार को पहले गिरफ्तार कर चुकी है और ईडी ने उसे इस पूरे सिंडिकेट का मुख्य आरोपी बताया है।
पाकिस्तानी और अफगान नेटवर्क से जुड़े तार
जांच एजेंसियों के अनुसार, यह पूरा मामला अफगानिस्तान, पाकिस्तान और दुबई से संचालित होने वाले एक अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी सिंडिकेट से जुड़ा है। आरोप है कि तलवार ने दुबई में बैठे वांछित आरोपी विटेश कोसर उर्फ राजू दुबई, पाकिस्तानी आईएसआई (ISI) एजेंटों और अफगान नागरिकों के साथ मिलकर अर्ध-संसाधित टैल्क की आड़ में नशीले पदार्थों की तस्करी की थी। जांच में सामने आया है कि ड्रग्स की बिक्री से कमाए गए लगभग 74 करोड़ रुपये हवाला के जरिए अफगानिस्तान भेजे गए, जिसका इस्तेमाल आतंकी गतिविधियों की फंडिंग में हुआ। इस मदद के बदले तलवार को करीब 1.65 करोड़ रुपये की अवैध कमाई और कई कीमती विदेशी सामान मिले थे।
दिल्ली के नामी नाइट क्लबों में किया निवेश
ईडी की तफ्तीश में यह भी खुलासा हुआ है कि कबीर तलवार अपने दोस्तों और कर्मचारियों के नाम पर कई फर्जी कंपनियां चला रहा था, जिनका इस्तेमाल ड्रग्स मंगाने के लिए किया गया। इन अवैध गतिविधियों और मादक पदार्थों की काली कमाई से प्राप्त धन को ठिकाने लगाने के लिए तलवार ने दिल्ली के कई नामी नाइट क्लबों और लाउंज में भारी निवेश किया था। जांच के दायरे में आए इन क्लबों में प्लेबॉय क्लब, व्हाइट क्लब दिल्ली, आरएसवीपी नाइट क्लब, जसबा लाउंज, वेलवेट रूम और लिट लाउंज शामिल हैं। फिलहाल कोर्ट ने आरोपी को रिमांड पर भेज दिया है और ईडी उसके करीबियों से पूछताछ कर रही है।

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