भारत-कनाडा तनाव बढ़ा: रिपोर्ट में खतरे का जिक्र, फिर भी भारत पर निशाना
कनाडा की सुरक्षा रिपोर्ट में बड़ा खुलासा: खालिस्तानी तत्वों को माना राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा
ओटावा| कनाडा की सुरक्षा खुफिया सेवा (CSIS) ने वर्ष 2025 की अपनी वार्षिक रिपोर्ट संसद में पेश की है, जिसमें देश की आंतरिक सुरक्षा को लेकर कई चौंकाने वाले दावे किए गए हैं। रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से माना गया है कि कनाडा की धरती पर सक्रिय खालिस्तानी तत्व देश की राष्ट्रीय सुरक्षा और हितों के लिए लगातार खतरा पैदा कर रहे हैं।
हिंसक एजेंडे को बढ़ावा दे रहे हैं चरमपंथी
इंटेलिजेंस रिपोर्ट के अनुसार, कनाडा में मौजूद कुछ खालिस्तानी समूहों की गतिविधियां एक हिंसक चरमपंथी एजेंडे को हवा दे रही हैं। रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि ये तत्व कनाडाई संस्थानों का उपयोग करके धन जुटाते हैं, जिसका इस्तेमाल बाद में हिंसक गतिविधियों के लिए किया जाता है। हालांकि, रिपोर्ट में यह भी राहत की बात कही गई है कि साल 2025 में इन समूहों से जुड़ा कोई बड़ा आतंकी हमला नहीं हुआ है।
कनिष्क बम विस्फोट की 40वीं बरसी का जिक्र
खुफिया रिपोर्ट में कनाडा के इतिहास के सबसे काले अध्याय, एअर इंडिया उड़ान 182 (कनिष्क) बम विस्फोट का भी उल्लेख किया गया है। पिछले साल इस भीषण हमले की 40वीं बरसी थी। रिपोर्ट ने दोहराया कि इस हमले के संदिग्ध कनाडा स्थित खालिस्तानी चरमपंथी समूहों के सदस्य थे। इस आतंकी हमले में 329 लोगों की जान गई थी, जिनमें से अधिकांश कनाडाई नागरिक थे।
भारत और अन्य देशों पर हस्तक्षेप के आरोप
कनाडाई खुफिया एजेंसी ने अपनी रिपोर्ट में चीन, रूस, भारत, ईरान और पाकिस्तान जैसे देशों पर कनाडा की आंतरिक राजनीति में दखल देने का आरोप लगाया है। भारत के संदर्भ में रिपोर्ट कहती है कि वहां की सरकार ने अपने हितों की रक्षा के लिए कुछ समुदायों और नेताओं के साथ संपर्क बनाए हैं, जिसे कनाडा 'ट्रांसनेशनल रेप्रेशन' (सीमा पार दमन) के रूप में देख रहा है। रिपोर्ट यह भी मानती है कि भारत अपनी आंतरिक स्थिरता के लिए खालिस्तानी अलगाववाद को एक बड़े खतरे के रूप में देखता है।
प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के दौर में सुधरते रिश्ते
गौर करने वाली बात यह है कि यह रिपोर्ट 2025 के शुरुआती खुफिया आकलनों पर आधारित है। लेकिन, कनाडा में नेतृत्व परिवर्तन और प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के कार्यभार संभालने के बाद से भारत और कनाडा के संबंधों में सकारात्मक बदलाव देखे जा रहे हैं।
वर्तमान स्थिति:
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आरसीएमपी का बयान: रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस (RCMP) के प्रमुख माइक ड्यूहेम ने हाल ही में कहा है कि वर्तमान में कनाडा के लिए किसी विदेशी एजेंट से कोई सीधा खतरा साबित नहीं हुआ है।
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बदला हुआ रुख: कनाडाई अधिकारियों का अब मानना है कि भारत कनाडा की धरती पर किसी भी हिंसक अपराध में शामिल नहीं है।
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तनाव का अंत: पूर्व प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो के कार्यकाल के दौरान हरदीप सिंह निज्जर की हत्या को लेकर जो राजनयिक गतिरोध पैदा हुआ था, वह अब धीरे-धीरे संवाद और सुधार की ओर बढ़ रहा है।

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