संसद में तीखी नोकझोंक: DMK सांसद के बयान पर स्पीकर का करारा जवाब
नई दिल्ली | संसद के विशेष सत्र में गुरुवार को परिसीमन बिल पर चर्चा के दौरान भारी हंगामा देखने को मिला। जैसे ही बिल को सदन के पटल पर रखा गया, विपक्षी दलों ने इसे संविधान विरोधी बताते हुए विरोध शुरू कर दिया। इसी दौरान डीएमके सांसद टीआर बालू ने तीनों बिलों का कड़ा विरोध किया और इन बिलों सैंडविच बिल करार दिया। उन्होंने कहा कि ये बिल आपस में जुड़े हुए हैं और उनकी पार्टी इनका पूरी तरह विरोध करती है।
'आप काले झंडे दिखाओ या पीले...
डीएमके सांसद टीआर बालू ने सदन में पेश तीनों बिलों का विरोध करते हुए कहा, 'ये तीनों बिल सैंडविच बिल हैं, हम विरोध करते हैं क्योंकि ये आपस में जुड़े हुए हैं। हमारी पार्टी इसका विरोध करती है। हमने काले झंडे दिखाए।' उनके इतना कहते ही स्पीकर ओम बिरला ने उन्हें बीच में रोकते हुए कहा, 'आप चाहे पीले झंडे दिखाओ या काले दिखाओ। इससे सदन को कोई फर्क नहीं पड़ता।' स्पीकर ने कहा कि सदन की कार्यवाही नियमों के अनुसार चलेगी और किसी भी तरह के भारी प्रदर्शन का सदन के कामकाज पर असर नहीं होगा।बता दें कि डीएमके परिसीमन बिल को लेकर शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाए हुए है। गुरुवार को संसद सत्र शुरू होने से पहले ही डीएमके ने विरोध का बिगुल फूंक दिया था। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने केंद्र सरकार के इस प्रस्ताव के खिलाफ राज्यव्यापी आंदोलन का एलान किया। उन्होंने विरोध जताते हुए बिल की एक प्रति जलाई और काला झंडा भी लहराया।
मुख्यमंत्री स्टालिन ने केंद्र सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि तमिलनाडु इस फासीवादी कदम को कभी बर्दाश्त नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन पूरे द्रविड़ क्षेत्र में फैलेगा। बिल की कॉपी जलाते हुए स्टालिन ने आरोप लगाया कि यह कानून तमिलों को अपने ही देश में शरणार्थी बना देगा। उन्होंने भाजपा सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि परिसीमन का यह प्रस्ताव तमिलों की राजनीतिक आवाज को दबाने की कोशिश है।स्टालिन ने सोशल मीडिया पर भी इस मुद्दे को उठाया और तमिलनाडु के लोगों से एकजुट होकर विरोध करने की अपील की। उन्होंने हिंदी विरोधी आंदोलनों का उदाहरण देते हुए कहा कि जिस तरह पहले दिल्ली की सरकार को झुकना पड़ा था, उसी तरह अब भी होगा। सदन में टीआर बालू इसी विरोध का जिक्र कर रहे थे, जिस पर स्पीकर ने उन्हें जवाब दिया।

वैभव सूर्यवंशी ने अपने पहले टी20 अर्धशतक को किया खास शख्स के नाम, जानिए वजह
बारिश ने रोकी गुवाहाटी की रफ्तार, कई इलाकों में जलभराव से परेशानी
PF खाताधारकों के लिए बड़ी राहत, EPFO ने ट्रांसफर किया ब्याज; जानें बैलेंस चेक करने का तरीका
मिडिल ईस्ट में बढ़ता तनाव, क्या कच्चे तेल की राजनीति है असली कारण?
'वायुसेना लगाना समाधान नहीं', NEET विवाद पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को दिखाया आईना
भारत-जिम्बाब्वे दूसरा टी20 मैच, टाइमिंग से लेकर लाइव टेलीकास्ट तक सब कुछ जानें
पाकिस्तान की डूबती अर्थव्यवस्था को चीन का सहारा, विदेशी मुद्रा संकट में मिली राहत
बच्चों की परवरिश पर SC की चिंता, बोला- मोबाइल नहीं, परिवार सबसे बड़ा सहारा
मगरमच्छ गंगाराम की अनोखी कहानी, जिसकी मौत पर पूरा गांव रो पड़ा
अव्यवस्थाओं के खिलाफ छात्रों का हंगामा, शिक्षकों की बर्खास्तगी और खराब भोजन पर फूटा गुस्सा