पूर्वी दिल्ली में गंदे पानी की शिकायत: हाईकोर्ट ने जल बोर्ड को फटकारा, दिए तत्काल सुधार के आदेश
नई दिल्ली: दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली जल बोर्ड को निर्देश दिया है कि वो इसकी पड़ताल करें कि कहां-कहां प्रदूषित पेयजल की सप्लाई हो रही है, और जहां प्रदूषित पेयजल की सप्लाई हो रही है वहां इस समस्या को ठीक करें. चीफ जस्टिस डीके उपाध्याय की अध्यक्षता वाली बेंच ने दिल्ली जल बोर्ड के प्रशासन को निर्देश दिया कि वो ये सुनिश्चित करें कि दिल्ली के सभी नागरिकों को शुद्ध पेयजल की आपूर्ति की जाए. मामले की अगली सुनवाई 5 जुलाई को होगी.
दरअसल, पूर्वी दिल्ली के कई इलाकों में गंदा पानी आ रहा है. पूर्वी दिल्ली के स्थानीय लोगों ने इस बारे में दिल्ली जल बोर्ड से शिकायत की. इनकी शिकायत के बावजूद दिल्ली जल बोर्ड ने कोई कार्रवाई नहीं की. सुनवाई के दौरान कोर्ट ने दिल्ली जल बोर्ड को पेयजल से संबंधित समस्याओं को दूर करने का निर्देश देते हुए निरीक्षण कर रिपोर्ट कोर्ट में दाखिल करने का निर्देश दिया.
घरों में काले रंग का पानी की आपूर्ती
पीठ ने मामले की सुनवाई को पांच जुलाई के लिए सूचीबद्ध करते हुए कहा कि कई लोगों के घरों में काले रंग का पानी आ रहा है. उन्हें जो पानी मिल रहा है उसके रंग को देखते हुए हम डीजेबी के उपयुक्त प्राधिकारी को भौतिक निरीक्षण करने, एक रिपोर्ट तैयार करने और उसे अदालत के समक्ष प्रस्तुत करने का निर्देश देते हैं. कोर्ट ने पेशे से वकील ध्रुव गुप्ता द्वारा दायर जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान ये निर्देश दिए.
त्रुटि को तुरंत दूर करने का निर्देश
याचिका में कहा गया है कि पूर्वी दिल्ली में योजना विहार, आनंद विहार, जागृति एन्क्लेव और आस-पास के अन्य इलाकों के निवासियों के स्वास्थ्य और सुरक्षा पर मलजल मिश्रित अत्यधिक दूषित पेयजल की आपूर्ति के कारण बड़ा खतरा है. कोर्ट ने डीजेबी के वकील से कहा कि वे इस मामले पर प्राधिकारियों से निर्देश प्राप्त करें और शुक्रवार को उसे अवगत कराएं. कोर्ट ने निर्देश दिया कि यदि निरीक्षण के दौरान ऐसी कोई त्रुटि पाई जाती है, जिस पर तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता है तो उसे तुरंत दूर किया जाना चाहिए.
दूषित पानी की आपूर्ति के कारण बुजुर्ग और बच्चे हो रहे प्रभावित
याचिकाकर्ता ने दलील दी कि आम नागरिकों के स्वच्छ पेयजल के अधिकार का गंभीर उल्लंघन किया गया है. उन्होंने कहा कि पीने योग्य पानी के रूप में मलजल के अत्यधिक दूषित पानी की आपूर्ति के कारण बुजुर्गों और बच्चों सहित निवासी गंभीर रूप से बीमार हो सकते हैं, जिससे बड़े पैमाने पर स्वास्थ्य संकट पैदा हो सकता है. याचिका में कहा गया है कि इन इलाकों के नलों में 12 जून से दूषित पानी आ रहा है और अधिकारियों से इस संबंध में शिकायत की गई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई. इसमें कहा गया है कि पूरा विश्वास नगर निर्वाचन क्षेत्र, जिसमें योजना विहार क्षेत्र शामिल है, दूषित पानी की इस समस्या से जूझ रहा है.

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