ब्राजील में पीएम मोदी के सम्मान से चीनी राष्ट्रपति नाराज
रियो डी जेनेरियो/बीजिंग। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग अगले हफ्ते ब्राजील के रियो डी जेनेरियो में होने वाले ब्रिक्स समिट में भाग नहीं लेंगे। साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, चीन ने राष्ट्रपति के बिजी शेड्यूल का हवाला देते हुए मेजबान ब्राजील को इसकी जानकारी दी है। ब्राजील में 17वां ब्रिक्स समिट 6-7 जुलाई को होने वाला है। ब्राजील के राष्ट्रपति लूला डी सिल्वा को स्टेट डिनर पर बुलाया है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि चीनी राष्ट्रपति इससे नाराज हैं। अनुमान है कि मोदी के जाने पर चीनी राष्ट्रपति को कम तवज्जो मिल सकती थी, इसलिए उन्होंने समिट से दूरी बना ली।
गौरतलब है कि ब्रिक्स (ब्रिक्स) पांच प्रमुख उभरती अर्थव्यवस्थाओं वाले देश- ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका का एक ग्रुप है। इसका मकसद इन देशों के बीच आर्थिक, राजनीतिक और सामाजिक सहयोग को बढ़ावा देना है। ब्राजील, रूस, भारत और चीन ने 2009 में ब्रिक्स की स्थापना की थी। दक्षिण अफ्रीका को 2010 में शामिल हो गया। इस ग्रुप में मिस्र, इथियोपिया, ईरान, इंडोनेशिया और यूएई को पूर्ण सदस्य के रूप में जोड़ा गया है। बेलारूस, बोलीविया, कजाकिस्तान, क्यूबा, मलेशिया, नाइजीरिया, थाईलैंड, युगांडा और उज्बेकिस्तान को भागीदार देशों के रूप में ब्रिक्स में शामिल किया गया है।
पहली बार ब्रिक्स में नहीं जाएंगे जिनपिंग
शी जिनपिंग के बतौर राष्ट्रपति 12 सालों के कार्यकाल में ऐसा पहली बार होगा, जब वे ब्रिक्स समिट में नहीं जाएंगे। 2013 से वे हर साल समिट में शामिल होते हैं। कोविड महामारी के दौरान, उन्होंने दो साल ब्रिक्स में वर्चुअली भाग लिया था। शी जिनपिंग के समिट में भाग न लेने की रिपोट्र्स पर ब्राजील के विदेश मंत्रालय ने कहा कि वह विदेशी प्रतिनिधिमंडलों के आंतरिक फैसलों पर टिप्पणी नहीं करेगा। हालांकि, बैठक से करीब 10 दिन पहले चीनी राष्ट्रपति के इस फैसले से ब्राजील परेशान है।

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