Mohan Yadav सरकार के बड़े फैसले, व्यापारियों के लिए राहत की खबर
भोपाल: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में मंगलवार, 5 मई 2026 को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रालय में एक महत्वपूर्ण कैबिनेट बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में राज्य के सर्वांगीण विकास, किसानों की समृद्धि और व्यापारिक समुदाय के हितों को ध्यान में रखते हुए कई ऐतिहासिक निर्णय लिए गए। बैठक के बाद सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) मंत्री चैतन्य काश्यप ने निर्णयों की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि सरकार ने विभिन्न विभागों की परियोजनाओं को आगामी पांच वर्षों तक निरंतर रखने के लिए भारी-भरकम बजट को मंजूरी दी है।
कृषि उन्नयन, ब्रिक्स सम्मेलन और गेहूं उपार्जन की समीक्षा
कैबिनेट में जानकारी दी गई कि 'कृषि कल्याण वर्ष' के उपलक्ष्य में 9 से 13 जून तक इंदौर में प्रतिष्ठित ब्रिक्स (BRICS) सम्मेलन आयोजित किया जाएगा, जिसमें 21 देशों के प्रतिनिधि उन्नत कृषि तकनीक और उच्च गुणवत्ता वाले बीजों पर मंथन करेंगे। किसानों के हित में बताते हुए कहा गया कि राज्य में गेहूं खरीदी का कार्य तेजी से जारी है और अब तक निर्धारित लक्ष्य का 40 प्रतिशत यानी 41 लाख मैट्रिक टन गेहूं खरीदा जा चुका है, जिसके बदले किसानों को 6520 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है। इसके अलावा, श्रमिकों के कल्याण के लिए 'श्रम स्टार रेटिंग' व्यवस्था लागू की गई है, जिससे उद्योगों में श्रमिकों को मिलने वाली सुविधाओं की पारदर्शिता बढ़ेगी; इस पहल से अब तक 514 उद्योग जुड़ चुके हैं।
दलहन आत्मनिर्भरता और बुनियादी ढांचे के लिए करोड़ों की स्वीकृति
प्रदेश को दालों के उत्पादन में अग्रणी बनाने के उद्देश्य से कैबिनेट ने "दलहनों में आत्मनिर्भरता मिशन" को 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक जारी रखने के लिए 2442.04 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं। इस मिशन के तहत किसानों को जलवायु-अनुकूल उन्नत बीज, प्रशिक्षण और पोस्ट-हार्वेस्ट इंफ्रास्ट्रक्चर की सुविधाएं मिलेंगी। बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में लोक निर्माण विभाग के तहत सड़क निर्माण, सेतु संधारण और शासकीय आवासों के रख-रखाव के लिए कुल 32,405 करोड़ रुपये की बड़ी राशि का अनुमोदन किया गया है। इसमें ग्रामीण सड़कों के उन्नयन और सड़क सुरक्षा कार्यों को 16वें वित्त आयोग की अवधि तक निरंतर रखने का प्रावधान शामिल है।
'राज्य व्यापारी कल्याण बोर्ड' का गठन और तकनीकी विस्तार
व्यापारियों की समस्याओं के त्वरित निराकरण और सरकार के साथ सीधा संवाद स्थापित करने के लिए 'राज्य व्यापारी कल्याण बोर्ड' के गठन को मंजूरी दी गई है, जिसके अध्यक्ष स्वयं मुख्यमंत्री होंगे। साथ ही, जिला स्तरीय समितियों का भी निर्माण किया जाएगा जो हर माह बैठक कर स्थानीय व्यापारिक बाधाओं को दूर करेंगी। तकनीकी क्षेत्र में, 'इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर' और 'स्टेट वाइड एरिया नेटवर्क' (SWAN) जैसी सूचना प्रौद्योगिकी योजनाओं के लिए 1295 करोड़ रुपये से अधिक की राशि स्वीकृत की गई है। महिला एवं बाल विकास विभाग के अंतर्गत आंगनवाड़ी भवनों के निर्माण और बाल संरक्षण योजनाओं के लिए भी 2412 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं, जो प्रदेश के सामाजिक और तकनीकी ढांचे को सुदृढ़ करेंगे।

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