भोजपुरी अभिनेता और फिल्म निर्माता सुदीप पांडे का दिल का दौरा पड़ने से निधन
Sudeep Pandey: भोजपुरी एक्टर और फिल्म निर्माता सुदीप पांडे का 15 जनवरी, 2025 को दिल का दौरा पड़ने से मुंबई में निधन हो गया. सुदीप पांडे भोजपुरी सिनेमा में एक प्रसिद्ध हस्ती थे, जिन्होंने एक्टिंग और डायरेक्शन दोनों के रूप में कई सफल फिल्मों में काम किया. सुदीप पांडे का योगदान क्षेत्रीय सिनेमा से परे था, क्योंकि उन्होंने कई हिंदी फिल्मों में भी काम किया, जिसमें एक कलाकार के रूप में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया.
भोजपुरी एक्ट्रर सुदीप पांडे वर्तमान में अपनी आगामी फिल्म पारो पटना वाली पर काम कर रहे थे. उन्होंने खूनी दंगल, भोजपुरी भैया और बहिनिया जैसी फिल्मों से भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री में खुद को स्थापित किया. साल 2019 में सुदीप पांडे ने हिंदी फिल्म वी फॉर विक्टर में भी अभिनय किया. सुदीप पांडे ने अन्य भोजपुरी फिल्मों जैसे भोजपुरिया दरोगा, मसीहा बाबू, हमार संगी बजरंगबली और हमार लालकर में भी काम किया.
फिल्म इंडस्ट्री में अपने काम के अलावा सुदीप पांडे ने बिहार पर्यटन के ब्रांड एंबेसडर के रूप में काम किया. राज्य की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. संदीप पांडे की मौत पर प्रशंसकों ने अपना दुख व्यक्त किया है और श्रद्धांजलि दी है.

धीरेन्द्र शास्त्री की ‘माला-भाला’ नसीहत पर सियासी बवाल, कांग्रेस ने FIR की मांग उठाई
मनसे नेता देशपांडे ने उद्धव गुट के पार्षदों पर लगाए गंभीर आरोप… बोले- एक-एक करोड़ में बिके
कचरा प्रबंधन नियमों में बार-बार बदलाव से जमीनी हकीकत में सुधार नहीं होगा: सुप्रीम कोर्ट
‘नेताओं के द्वारा बनाए गए धर्मगुरु सत्ता के गुरु’, शंकराचार्य सदानंद सरस्वती का गौ माता पर बड़ा बयान
आज से बदल गया PMO का पता, अब सेवा तीर्थ से चलेगी सरकार, पीएम मोदी ने किया उद्घाटन
Durg: सोशल मीडिया पर पिस्टल लहराते अपलोड किया वीडियो, पहुंच गए जेल, पुलिस ने लिया एक्शन
Kondagaon: कोकोड़ी मक्का प्रोसेसिंग प्लांट के विरोध में 12 घंटे से प्रदर्शन जारी, भारी संख्या में पुलिस बल तैनात
CG News: जॉर्ज कुरियन ने नक्सलवाद को लेकर कांग्रेस पर लगाए गंभीर आरोप, CM साय के मीडिया सलाहकार पंकज झा ने भी कसा तंज
CG News: नक्सलियों से 1100 हथियार बरामद, 532 हुए ढेर, नक्सलवाद को लेकर विजय शर्मा ने गिनाए चौंकाने वाले आंकड़े
Chhattisgarh के आदिवासियों की अनोखी परंपरा, जहां ‘मठ बांधना’ और ‘कड़साल’ के साथ आत्मा को दी जाती है विदाई