3 करोड़ महिलाएं बनेंगी लखपति दीदी, क्या है शी मार्ट
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को बजट में महिलाओं से जुड़े कई अहम ऐलान किए। इसका सीधा फायदा देश की आधी आबादी को होगा। बजट में लखपति दीदी योजना को आगे बढ़ाते हुए इसे ‘शी मार्ट’ से जोड़ा गया। इससे महिलाओं को अपने उत्पाद बेचने के बेहतर मौके मिलेंगे। वित्त मंत्री ने हर जिले में महिला छात्रावास की भी घोषणा की।लखपति दीदी योजना की अभूतपूर्व सफलता के बाद सरकार अब ‘शी मार्ट’ की नई अवधारणा लेकर आई है। यह योजना महिला स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों को सीधे बड़े बाजारों से जोड़ेगी। ‘शी मार्ट’ आधुनिक रिटेल आउटलेट होंगे, जिन्हें पूरी तरह से महिला उद्यमियों द्वारा संचालित किया जाएगा। इसके जरिए महिलाएं बिचौलियों के बिना अपने उत्पादों को सीधे ग्राहकों तक पहुंचा सकेंगी और अपना खुद का ब्रांड स्थापित कर सकेंगी।
ग्रामीण और अर्ध शहरी इलाकों की महिलाओं को अधिक फायदा
बजट 2026 में ग्रामीण और अर्ध शहरी इलाकों की महिलाओं पर खास ध्यान दिया गया है। स्थानीय स्तर पर रिटेल और बिजनेस इकोसिस्टम तैयार करने की योजना है, ताकि महिलाएं अपने ही इलाके में रोजगार और उद्यम के मौके बना सकें। शाी मार्ट को चलाने और आगे बढ़ाने में क्लस्टर-लेवल फेडरेशन की अहम भूमिका होगी। इससे महिला स्वयं सहायता समूहों को संगठित ताकत मिलेगी और उनके कारोबार को बढ़ाने मदद मिलेगी।
महिलाएं बनेंगी मालकिन
शाी मार्ट योजना के जरिए ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों की महिलाओं को मालकिन के रूप में काम करने का मौका मिलेगा। वे सिर्फ लाभार्थी के रूप में नहीं रहेंगी। महिलाओं को अपने काम को नए आयाम तक पहुंचाने में भी पूरी मदद की जाएगी।
उत्पादों को बढ़ावा मिलेगा
शी मार्ट योजना के तहत महिला द्वारा तैयार उत्पादों को बढ़ावा दिया जाएगा। इसके तहत महिलाओं को खुद के काम को मजबूत करने में मदद मिलेगी। रोजगार के नए अवसर बनेंगे। दूर दराज क्षेत्रों में बनने वाले उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलेगी।महिला कामगारों में होगा इजाफा सरकार ने आर्थिक सर्वेक्षण में कहा था कि देश में वर्ष 2050 तक महिला कामगारों की भागीदारी 50 फीसदी से अधिक हो जाएगी। ये तेजी देश की जीडीपी के लिए बेहद अहम है। समाज के हर वर्ग को काम से पैसे के प्रवाह को बढ़ाना है।आधी आबादी की ताकत बढ़ेगी ईवाई के सोशल स्किल विशेषज्ञ अमित वात्सयान का कहना है कि लखपति दीदी और शी मार्ट योजना से ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को आजीविका के नए अवसर खुलेंगे। ये महिलाओं को खुद का हुनर दिखाने का एक बेहतर मौका है।हर जिले में होगा महिला छात्रावास बजट में महिलाओं को ध्यान में रखते हुए जो प्रमुख घोषणाएं की गईं, उनमें देश के हर जिले में लड़कियों के लिए छात्रावास बनाने का प्रस्ताव भी दिया गया है। हॉस्टल की सुविधा सुनिश्चित करने की देशव्यापी योजना है। वित्त मंत्री ने कहा कि हर जिले में छात्रावास का मकसद छात्राओं के लिए समान रूप से शैक्षिक अवसर बढ़ाना और सुरक्षित रहने की जगह देना है।ग्रामीण इलाकों में निरंतर कुछ चुनौतियां बनी हुई हैं, जैसे कि किशोरियों के बीच में स्कूल छोड़ने की दर। हर जिले में छात्राओं के लिए छात्रावास बनाने का मकसद शिक्षा के रास्ते में आने वाली उनकी इस अड़चन को दूर करना है। यह कदम खासतौर पर उन जिलों पर फोकस करेगा जहां दूरी, सुरक्षा की चिंता और पैसे की कमी पढ़ाई जारी रखने में रुकावट बनती हैं। पोषण योजना को भी महिलाओं की अच्छी सेहत के लिहाज से मजबूत बनाया गया है।
‘लखपति दीदी’ योजना का होगा विस्तार
वित्त मंत्री ने लाखपति दीदी योजना के विस्तार का भी ऐलान किया। इस योजना के तहत स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को पांच लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त ऋण प्रदान किया जाता है। यह कार्यक्रम ग्रामीण विकास मंत्रालय चलाता है। इसका लक्ष्य है कि स्वयं सहायता समूह की महिलाएं छोटे-छोटे उद्योग शुरू करें और हर साल कम से कम एक लाख रुपये की कमाई करें।मंत्री ने कहा कि 2027 तक तीन करोड़ महिला एसएचजी सदस्यों की वार्षिक आय एक लाख तक पहुचाना लक्ष्य सरकार का लक्ष्य है। इससे वो आर्थिक रूप से मजबूत और आत्मनिर्भर बन सकेंगी। कार्यक्रम के तहत महिलाओं को प्लंबिंग, एलईडी बल्ब बनाना जैसी स्किल्स सिखाई जाती हैं। सरकार ने निर्भया फंड को भी दो सौ करोड़ रूपए के आवंटन के साथ अपने फोकस में बनाए रखा है।
क्या है शी मार्ट
शी मार्ट महिलाओं के लिए समर्पित ऐसे बाजार या मंच हैं, जहां महिला उद्यमियों, स्वयं सहायता समूहों, स्टार्टअप्स और कारीगरों को अपने उत्पाद बेचने का सीधा अवसर मिलेगा। इसके तहत ग्रामीण महिलाएं कृषि, संबद्ध क्षेत्रों और छोटे व्यवसायों में अपने उत्पाद बेच सकेंगी और अपनी आय बढ़ा सकेंगी।
क्या हुई घोषणाएं
- महिला उद्यमियों के लिए शी मार्ट की स्थापना
- हर जिले में महिला छात्रावास बनाया जाएगा
- लखपति दीदी योजना को विस्तार दिया जाएगा
- महिलाओं के स्टार्टअप्स को बढ़ावा दिया जाएगा
नारी शक्ति पर बजट सकारात्मक : राकेश श्रीवास्तव, पूर्व सचिव भारत सरकार
शी मार्ट के जरिए महिलाओं को बाजार उपलब्ध कराने की योजना सरकार का अच्छा कदम है। इससे महिलाएं आत्मनिर्भर होंगी। महिलाओं को सबसे ज्यादा आर्थिक सुरक्षा की दरकार है। लखपति योजना के तहत भी महिलाओं को करोड़पति बनाने की योजना पर भी सरकार काम कर रही है।स्वंयसेवी सहायता समूहों को मजबूत बनाने वाली और लखपति दीदी जैसी योजनाएं भी सरकार ने जारी रखी हुई हैं। निर्भया कोष पर फोकस बने रहने से महिलाओं में सुरक्षा की भावना उत्पन्न होगी। हालांकि इसका बेहतर क्रियान्वयन सुनिश्चित करने की जरूरत है।वीबी- जी राम जी के अंतर्गत बाल देखभाल को शामिल करने से महिलाओं के लिए रोजगार के अवसरों में विविधता आएगी। सक्षम आंगनवाड़ी, पोषण 2.0 और मिशन वात्सल्य पर जोर देने से बाल पोषण को बढ़ावा देने में अत्यधिक सहायता मिलेगी। बजटीय परिव्यय में 3.27 लाख करोड़ रुपये से 4.49 लाख करोड़ रुपये तक की पर्याप्त वृद्धि महिला एवं बाल विकास योजनाओं के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है।
आधी आबादी अर्थव्यवस्था की रीढ़
गोल्डमैन सैक्स की रिपोर्ट के अनुसार अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन (आईएलओ) की रिपोर्ट के अनुसार भारत में मौजूदा समय में 40 फीसदी महिला आबादी कामगार है। इसमें से अधिकतर कृषि क्षेत्र में कार्यरत हैं। वहीं दूसरे बड़े देशों में ये हिस्सेदारी 54 फीसदी के करीब है।दुनिया की चौथी अर्थव्यवस्था बन चुका भारत तेजी से अपनी आधी आबादी की शक्ति के जरिए दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की राह पर है। सरकार भारत की तरक्की में महिला शक्ति को बड़ा केंद्र बनाने की कोशिश में है जिससे अर्थव्यवस्था को नई गति मिले। इसी को देखते हुए सरकार हर बजट में आधी आबादी को मजबूत बनाने की कोशिश में लगी है।

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