2020 दिल्ली दंगा: कपिल मिश्रा के खिलाफ जांच के आदेश पर सुनवाई टली
नई दिल्ली: राउज एवेन्यू कोर्ट के सेशंस कोर्ट ने 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगे के मामले में दिल्ली के कानून मंत्री कपिल मिश्रा की मजिस्ट्रेट कोर्ट की ओर से जांच के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई टाल दिया. स्पेशल जज दिग्विनय सिंह ने मामले की अगली सुनवाई 26 मई को करने का आदेश दिया है.
आज सुनवाई के दौरान कोर्ट को सूचित किया गया कि इस मामले के दो पक्षकारों को समन की प्रति तामील नहीं हो सकी, क्योंकि उनके पते अधूरे थे. उसके बाद कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 26 मई को करने का आदेश दिया. कोर्ट ने इस मामले में जांच करने के मजिस्ट्रेट कोर्ट के आदेश पर लगी रोक को अगले आदेश तक बढ़ा दिया. इसके पहले सेशंस कोर्ट ने 9 अप्रैल को मजिस्ट्रेट कोर्ट के आदेश पर रोक लगाते हुए मजिस्ट्रेट कोर्ट के याचिकाकर्ता को नोटिस जारी किया था. सेशंस कोर्ट में कपिल मिश्रा और दिल्ली पुलिस ने याचिका दायर किया है.
दरअसल, राउज एवेन्यू कोर्ट के मजिस्ट्रेट कोर्ट ने दिल्ली दंगों में शामिल होने के मामले में कपिल मिश्रा के खिलाफ जांच करने का आदेश दिया था. एडिशनल चीफ जुडिशियल मजिस्ट्रेट वैभव चौरसिया ने ये आदेश दिया था. इसके पहले कड़कड़डूमा कोर्ट ने भी कपिल मिश्रा के मामले में लापरवाही बरतने पर ज्योति नगर थाने के एसएचओ पर एफआईआर दर्ज करने का आदेश देते हुए मजिस्ट्रेट कोर्ट ने कहा था कि कपिल मिश्रा के खिलाफ संज्ञेय आरोप हैं और इसकी जांच होनी चाहिए.
कड़कड़डूमा कोर्ट ने कहा था कि या तो जांच अधिकारी ने कपिल मिश्रा के खिलाफ कोई जांच नहीं की, या उसने कपिल मिश्रा के खिलाफ आरोपों को छिपाने की कोशिश की. कोर्ट ने कहा था कि आरोपी कपिल मिश्रा सार्वजनिक व्यक्ति है और उसके बारे में ज्यादा जांच की जरूरत है, क्योंकि ऐसे लोग जनता के मत को सीधे-सीधे प्रभावित करते हैं. सार्वजनिक जीवन जीने वाले व्यक्ति को संविधान के दायरे में रहने की उम्मीद की जाती है.
कड़कड़डूमा कोर्ट ने कहा था कि जिस तरह के बयान दिए गए, वे सांप्रदायिक सद्भाव पर बुरी तरह असर डालते हैं. ऐसे बयान अलोकतांत्रिक होने के साथ देश के धर्मनिरपेक्ष सिद्धांतों पर हमला है. ऐसे बयान संविधान के मूल चरित्र का खुला उल्लंघन है. भारतीय दंड संहिता की धारा 153ए सांप्रदायिक और धार्मिक सद्भाव से जुड़ा हुआ है. जिस तरह आरोपी को अपनी अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का लाभ उठाने का हक है, वैसे ही उस पर सांप्रदायिक सद्भाव को संरक्षित रखने की भी जिम्मेदारी है. बता दें कि कपिल मिश्रा उत्तर-पूर्वी दिल्ली के करावल नगर विधानसभा सीट से बीजेपी का उम्मीदवार है. राउज एवेन्यू कोर्ट में शिकायत मोहम्मद इलियास ने दायर किया था.

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