नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में एक बहुमंजिला इमारत गिरने के दुखद हादसे को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट में सोमवार को याचिका दायर की गई है। मामले की संवेदनशीलता और जनहित को देखते हुए हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश ने इस पर तत्काल सुनवाई करने की सहमति दे दी है। इस भीषण हादसे में छह लोगों की मौत हो चुकी है, जिसके बाद इमारतों की सुरक्षा और निर्माण मानकों पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

मुख्य न्यायाधीश के समक्ष उठाया गया मामला, तत्काल सुनवाई पर सहमति

सोमवार सुबह एक अधिवक्ता ने दिल्ली हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के समक्ष इस घटना का उल्लेख करते हुए तुरंत हस्तक्षेप की गुहार लगाई। उन्होंने दलील दी कि यह मामला सीधे तौर पर सार्वजनिक सुरक्षा और नागरिकों के जीवन के अधिकार से जुड़ा है, इसलिए इसकी तत्काल न्यायिक समीक्षा जरूरी है। मुख्य न्यायाधीश ने याचिकाकर्ता के तर्कों को स्वीकार करते हुए मामले की सुनवाई उसी दिन करने का भरोसा दिलाया।

हादसे में छह की मौत, मलबे में रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

सत्य निकेतन में इमारत ढहने से अब तक छह लोगों की जान जा चुकी है, जबकि कई अन्य के मलबे में दबे होने की आशंका के बीच बचाव कार्य तेजी से चलाया जा रहा है। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) ने प्रेस वार्ता कर जानकारी दी कि घटनास्थल पर राहत एवं बचाव अभियान लगातार जारी है और मलबे को हटाने के लिए आधुनिक उपकरणों का उपयोग किया जा रहा है। इस त्रासदी के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है।

इमारत मालिक पर एफआईआर दर्ज, लुकआउट नोटिस जारी

हादसे के बाद दिल्ली पुलिस ने कड़ी कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस ने इमारत के मालिक हरिराम बंसल के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या और संबंधित धाराओं में प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज कर ली है। आरोपी की धरपकड़ और उसके देश छोड़कर भागने की आशंका को देखते हुए जांच एजेंसियों ने उसके खिलाफ लुकआउट नोटिस भी जारी कर दिया है। पुलिस और स्थानीय प्रशासन निर्माण की वैधता और नियमों की अनदेखी के सभी पहलुओं की गहन जांच कर रहे हैं।