50 MBBS सीटों की स्वीकृति पर सियासत, पूर्व विधायक बोले- कांग्रेस ने रखी थी नींव
मनेंद्रगढ़: मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (एमसीबी) जिले के लिए एक बड़ी और ऐतिहासिक खुशखबरी सामने आई है। राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) ने मनेन्द्रगढ़ मेडिकल कॉलेज को 50 एमबीबीएस (MBBS) सीटों की आधिकारिक मंजूरी दे दी है। इस बड़ी उपलब्धि पर क्षेत्र के पूर्व विधायक गुलाब कमरो ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए सभी जिलावासियों को बधाई दी है। साथ ही उन्होंने इस सफलता के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय, छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री और स्थानीय सांसद ज्योत्सना महंत के प्रति आभार जताया है।
पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के योजनाबद्ध प्रयासों का नतीजा
पूर्व विधायक गुलाब कमरो ने इस सफलता के पीछे की पृष्ठभूमि को रेखांकित करते हुए कहा कि यह ऐतिहासिक उपलब्धि वर्षों की योजनाबद्ध प्रक्रिया और पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के समर्पित प्रयासों का ही परिणाम है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मनेन्द्रगढ़ में मेडिकल कॉलेज की स्थापना की परिकल्पना तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में साकार हुई थी। वर्ष 2023-24 के राज्य बजट में इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए विशेष बजटीय प्रावधान किया गया था। इसके साथ ही कॉलेज के लिए उपयुक्त भूमि का चयन, प्रारंभिक प्रशासनिक स्वीकृतियां, बुनियादी ढांचे का विकास और अन्य सभी आवश्यक औपचारिक कार्य कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में ही तेजी से पूरे किए गए थे।
डॉ. चरणदास महंत के प्रयासों और क्षेत्रीय विकास पर पड़ा प्रभाव
परियोजना को गति देने में वरिष्ठ नेताओं के योगदान की सराहना करते हुए कमरो ने कहा कि तत्कालीन विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत ने इस मेडिकल कॉलेज की स्वीकृति के लिए लगातार पैरवी की थी। उन्होंने केंद्र और राज्य दोनों ही स्तरों पर इस संवेदनशील विषय को बेहद गंभीरता से उठाया था। पूर्व विधायक ने जोर देकर कहा कि यह मेडिकल कॉलेज केवल एक कंक्रीट की इमारत नहीं है, बल्कि यह पूरे एमसीबी जिले के भविष्य और तरक्की से जुड़ी एक दूरगामी पहल है।
विद्यार्थियों का पलायन रुकेगा, स्वास्थ्य सेवाओं में आएगा क्रांतिकारी बदलाव
इस कॉलेज के शुरू होने से क्षेत्र में होने वाले बड़े बदलावों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि अब स्थानीय विद्यार्थियों को डॉक्टरी की पढ़ाई के लिए बड़े शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा और वे अपने ही जिले में रहकर उच्च शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे। इसके अलावा, मेडिकल कॉलेज खुलने से क्षेत्र में विशेषज्ञ डॉक्टरों की संख्या में भारी इजाफा होगा, जिससे स्थानीय स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं का स्तर काफी सुधरेगा। 50 एमबीबीएस सीटों की यह मंजूरी नियमित शैक्षणिक सत्र शुरू करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी, जिससे आने वाले समय में यह संस्थान पूरे सरगुजा संभाग के लिए चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं का एक मुख्य केंद्र बनकर उभरेगा।
विकास कार्यों में निरंतरता और उज्ज्वल भविष्य की उम्मीद
राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर विकास की बात करते हुए पूर्व विधायक ने कहा कि यह परियोजना भले ही कांग्रेस सरकार के दूरदर्शी फैसलों का नतीजा है, लेकिन वर्तमान भाजपा सरकार इसे आगे बढ़ाने का सराहनीय कार्य कर रही है। जनहित के कामों में ऐसी निरंतरता बेहद जरूरी है ताकि आम जनता को योजनाओं का पूरा लाभ मिल सके। उन्होंने पूरा भरोसा जताया कि इस मेडिकल कॉलेज के पूर्ण रूप से संचालित होने के बाद एमसीबी जिले में चिकित्सा शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य सेवाओं और समग्र क्षेत्रीय विकास के एक नए और स्वर्णिम युग की शुरुआत होगी।

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