मोदी कैबिनेट में बदलाव की चर्चा, धर्मेंद्र प्रधान की भूमिका पर उठे सवाल
नई दिल्ली: देश की राजनीति में इस समय बड़े बदलावों की सुगबुगाहट तेज हो गई है। उत्तर प्रदेश भाजपा की नई टीम के ऐलान के बाद अब देश की राजधानी दिल्ली में मोदी कैबिनेट (Modi Cabinet Reshuffle) और भाजपा के राष्ट्रीय संगठन में बड़े फेरबदल की अटकलें जोरों पर हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह की एक ही हफ्ते के भीतर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से हुई मुलाकातों ने इन कयासों को और हवा दे दी है। माना जा रहा है कि इस फेरबैल में कई बड़े चेहरों की छुट्टी हो सकती है, जबकि कुछ मंत्रियों के विभाग बदले जा सकते हैं।
धर्मेंद्र प्रधान और हरदीप सिंह पुरी पर गिर सकती है गाज
इस संभावित फेरबदल में सबसे बड़ा नाम केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का सामने आ रहा है। नीट (NEET) पेपर लीक मामले को लेकर विपक्षी दलों और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा जंतर-मंतर पर किए जा रहे लगातार विरोध प्रदर्शनों के चलते धर्मेंद्र प्रधान की कुर्सी पर खतरा मंडरा रहा है। वहीं, मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पंजाब में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों के मद्देनजर समीकरण साधने के लिए केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी की जगह किसी अन्य सिख चेहरे को मौका दिया जा सकता है। इसके लिए मध्य प्रदेश से राज्यसभा भेजे गए पंजाब के नेता तरुण चुघ का नाम रेस में सबसे आगे चल रहा है।
बीजेपी संगठन में बदलाव और 'नितिन नवीन' की नई टीम
केंद्रीय मंत्रिमंडल के साथ-साथ भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय संगठन में भी बड़े स्तर पर बदलाव की तैयारी है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने संगठन के नए पदाधिकारियों की सूची को अंतिम रूप दे दिया है और जल्द ही इसका आधिकारिक ऐलान हो सकता है। हाल ही में गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के आवास पर हुई उच्च स्तरीय बैठकों में भी इस रणनीतिक बदलाव को लेकर गहन मंथन हुआ है।
बागी नेताओं को मिल सकता है कैबिनेट में 'इनाम'
इस कैबिनेट विस्तार की सबसे दिलचस्प बात यह है कि इसमें उन बागी नेताओं को जगह मिल सकती है जिन्होंने हाल के दिनों में संसद में एनडीए (NDA) की ताकत बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। हाल ही में आम आदमी पार्टी (AAP) के राज्यसभा सांसदों का एक बड़ा धड़ा, जिसमें राघव चड्ढा और अशोक मित्तल जैसे प्रमुख चेहरे शामिल हैं, पाला बदलकर भाजपा में आ गए थे।
इसके साथ ही, पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के 20 बागी सांसदों ने 'नेशनल सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया' (NCPI) में अपना विलय कर एनडीए को समर्थन देने की घोषणा की है। इस रणनीतिक बढ़त के इनाम के तौर पर मोदी कैबिनेट में निम्नलिखित नेताओं को शामिल किए जाने की पुरजोर चर्चा है:
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शिवसेना (शिंदे गुट): श्रीकांत शिंदे
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आम आदमी पार्टी से आए बागी: राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा और डॉ. अशोक मित्तल
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TMC से NCPI में आए बागी: सुदीप बंदोपाध्याय और डॉ. शर्मिला सरकार
हालांकि, नए मंत्रिमंडल के गठन और विभागों के आधिकारिक बंटवारे को लेकर सरकार या संगठन की ओर से अब तक कोई अंतिम तारीख घोषित नहीं की गई है, लेकिन दिल्ली से लेकर राज्यों की राजधानियों तक सियासी हलचल चरम पर है।

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