फसल बंटवारे के विवाद में खूनी खेल: पिता ने बेटे-बहू को मारी गोली, बेटे की मौत
फ़तेहपुर। पारिवारिक कलह और संपत्ति विवाद के चलते एक बुजुर्ग पिता ने अपनी ही दुनाली बंदूक से बेटे और बहू पर जानलेवा हमला कर दिया। इस सनसनीखेज वारदात में अत्यधिक खून बह जाने के कारण गंभीर रूप से घायल बेटे की कानपुर के रीजेंसी अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि बहू जिंदगी और मौत के बीच जूझ रही है। डॉक्टरों ने ऑपरेशन कर बहू के पेट से गोली बाहर निकाल ली है। दिल दहला देने वाली इस घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी पिता मौके पर ही बंदूक छोड़कर साइकिल से फरार हो गया।
कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सीतापुर गांव के रहने वाले 75 वर्षीय रामखेलावन पटेल के दो बेटे हैं। छोटा बेटा राजू कानपुर में कार्यरत है, जबकि बड़ा बेटा अवनीश (35) एक फाइनेंस कंपनी में काम करता था और अपनी पत्नी मनीषा (28) के साथ घर के दूसरे हिस्से में रहता था। कुछ समय पहले रामखेलावन की पत्नी मिथलेश का पैर टूट गया था, जिसके बाद से उनके इलाज के खर्च और तीमारदारी को लेकर पूरे परिवार में लगातार मानसिक तनाव चल रहा था।
इलाज के खर्च और हिस्सेदारी पर बढ़ा विवाद
बुधवार सुबह लगभग 10 बजे रामखेलावन और उनके बड़े बेटे अवनीश के बीच मां के इलाज के खर्च को लेकर बहस शुरू हो गई। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि अवनीश की पत्नी मनीषा भी वहां पहुंच गई। मनीषा ने पारिवारिक कलह के बीच फसल और संपत्ति में अपने हिस्से की मांग रख दी और कहा कि बंटवारा होने के बाद ही वे लोग मां की देखभाल करेंगे। यह सुनते ही रामखेलावन का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया और उन्होंने बहू पर हाथ उठाने का प्रयास किया, जिसके बचाव में बेटे अवनीश ने पिता को पीछे धकेल दिया।
लाइसेंसी दुनाली से ताबड़तोड़ फायरिंग
बहस के दौरान खुद को अपमानित महसूस करने पर रामखेलावन तुरंत अपने कमरे के अंदर गए और वहां रखी अपनी लाइसेंसी दुनाली बंदूक निकालकर बाहर ले आए। उन्होंने दरवाजे पर खड़े अपने बेटे अवनीश पर सीधे फायर झोंक दिया, जिससे गोली उसके दाहिने हाथ और पंजे को चीरती हुई निकल गई। इसके तुरंत बाद आरोपी ने दूसरी गोली अपनी बहू मनीषा पर चला दी, जो सीधे उसके पेट में जा लगी। गोलियों की तड़तड़ाहट से पूरे गांव में दहशत फैल गई और डर के मारे शुरुआत में कोई भी मदद के लिए आगे नहीं आया। दोनों घायल करीब 40 मिनट तक तड़पते रहे।
पुलिस की कार्रवाई और आरोपी की तलाश जारी
काफी देर बाद ग्रामीणों और ग्राम प्रधान की सूझबूझ से दोनों घायलों को निजी वाहन के जरिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद दोनों की गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें कानपुर रेफर कर दिया। पुलिस जब दोनों को लेकर रीजेंसी अस्पताल पहुंची, तो डॉक्टरों ने अवनीश को मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक और क्षेत्राधिकारी सहित भारी पुलिस बल और फॉरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर सबूत इकट्ठा किए। पुलिस ने घटनास्थल से वारदात में इस्तेमाल की गई लाइसेंसी बंदूक को जब्त कर लिया है और फरार आरोपी पिता की गिरफ्तारी के लिए कई टीमें गठित कर दी हैं। साथ ही हथियार के लाइसेंस को निरस्त करने की विधिक प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

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