पूजा में घंटी बजाने का क्या है सही नियम? जानें किस समय कितनी बार बजाना होता है शुभ
अगर आप रोजाना घर के मंदिर में पूजा करते हैं और घंटी बजाते हैं, तो यह जानना आपके लिए बेहद जरूरी है कि घंटी बजाने का सही तरीका क्या है. कई लोग पूजा के दौरान बहुत लंबे समय तक घंटी बजाते रहते हैं, तो कुछ लोग इसे महज एक औपचारिकता मानकर सिर्फ एक-दो बार हिला देते हैं. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, घंटी बजाने के कुछ निश्चित और वैज्ञानिक नियम हैं. सही तरीके से घंटी बजाने से न सिर्फ पूजा का फल मिलता है, बल्कि भगवान तक आपकी हाजिरी का संदेश भी पहुंचता है.
गरुड़ देव का स्वरूप है घंटी, वेदों से है इसका संबंध
महंत कामेश्वरानंद वेदांताचार्य ने बताया कि मंदिर में प्रवेश करते समय छत से लटकी हुई घंटी को केवल एक बार बजाना चाहिए, या फिर आप इसे तीन बार भी बजा सकते हैं. इसके पीछे एक गहरा धार्मिक रहस्य छिपा है. दरअसल, घंटी के ऊपरी हिस्से को गरुड़ भगवान का स्वरूप माना जाता है और गरुड़ देव के पंखों में चारों वेदों का वास होता है. जब कोई भक्त घंटी बजाता है, तो इसका आध्यात्मिक मतलब यह होता है कि वह वेदों के मंत्रों के जरिए ईश्वर का अभिनंदन और स्वागत कर रहा है. घंटी बजाकर भक्त भगवान से कहता है कि ‘हे प्रभु, मैं आपकी शरण में आ गया हूं’.
भोग लगाते समय 5 बार घंटी बजाना क्यों है जरूरी?
घरों में इस्तेमाल होने वाली छोटी हाथ वाली घंटी को ‘गरुड़ घंटी’ कहा जाता है, जिसके नियमों के बारे में महंत बताते हैं कि जब भी आप भगवान को लड्डू, पेड़ा, फल या भोजन का भोग लगाते हैं, तब पांच बार आचमन करने के साथ-साथ पांच बार ही घंटी बजानी चाहिए क्योंकि इसका मुख्य मकसद भगवान को भोग स्वीकार करने का निवेदन करना होता है. इसके साथ ही वे बताते हैं कि इस छोटी घंटी को हमेशा मंदिर में अपने बाईं तरफ रखना चाहिए और दाएं हाथ से भगवान को भोग लगाना तथा आरती करनी चाहिए.
मंदिर से निकलते समय न बजाएं घंटी
सबसे जरूरी बात यह है कि कभी भी मंदिर से बाहर निकलते समय घंटी नहीं बजानी चाहिए. अक्सर लोग आते और जाते दोनों समय घंटी बजा देते हैं, जो कि गलत है. घंटी सिर्फ मंदिर में प्रवेश करते समय ही बजाई जाती है क्योंकि इसका सीधा अर्थ भगवान का स्वागत करना होता है, विदा करना नहीं. शास्त्रों के अनुसार, सुबह-शाम की पूजा में इन सरल नियमों का पालन करने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का वास होता है और आपकी श्रद्धा सही रूप में भगवान तक पहुंचती है.

रालोद में अंदरूनी कलह खुलकर आई सामने, 10 पदाधिकारियों ने दिया सामूहिक इस्तीफा
CM शुभेंदु की चेतावनी, 'धोखेबाज भतीजे को कोई नहीं बचा पाएगा', घोटाले पर सियासी वार
एक तरफ धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, दूसरी तरफ मायावती का बड़ा राजनीतिक संदेश
कमाई बढ़ी, लेकिन घाटा भी बढ़ा; FY26 में PhonePe के वित्तीय नतीजे चौंकाने वाले
प्रदेश कांग्रेस कमेटी की नई सूची तैयार, जल्द मिल सकती है नेताओं को जिम्मेदारी
जम्मू-कश्मीर में बारिश का कहर, 32 लोगों की मौत; मचैल यात्रा पर लगी रोक
ओंकारेश्वर में दर्दनाक हादसा, खुले सेप्टिक टैंक में गिरने से 3 साल के मासूम की मौत
PM मोदी के फैसले को योगी का समर्थन, माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई पर कही बड़ी बात
रफ्तार बनी काल, राजगढ़ में कार तालाब में समाई; पांच लोगों की दर्दनाक मौत
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर टीकाराम जूली बोले- प्रधानमंत्री तुरंत इसे स्वीकार करें