मेडिकल कॉलेज के पास आग की लपटें, मौके पर पहुंची कई दमकल गाड़ियां
जबलपुर। शहर के प्रतिष्ठित नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल परिसर में स्थित सर्वेंट क्वार्टर के नजदीक बने एक विशाल डंपिंग यार्ड (कचरे के ढेर) में शुक्रवार की देर रात अचानक भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग की विकराल लपटों और चारों तरफ फैले घने काले धुएं के गुबार के कारण अस्पताल के कर्मचारियों, मरीजों के परिजनों और स्थानीय निवासियों में हड़कंप और दहशत की स्थिति निर्मित हो गई। घटना की भयावहता को देखते हुए नगर निगम के अग्निशमन विभाग (फायर ब्रिगेड) की आधा दर्जन से अधिक गाड़ियां तुरंत मौके पर भेजी गईं, जो देर रात तक आग को पूरी तरह से बुझाने और उस पर नियंत्रण पाने के प्रयास में जुटी रहीं।
महीनों पुराने कचरे के ढेर में भड़की लपटें, दूर-दूर से दिखा धुएं का गुबार
स्थानीय सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, मेडिकल कॉलेज अस्पताल के रहवासी क्षेत्र और सर्वेंट क्वार्टर के समीप पिछले काफी लंबे समय से भारी मात्रा में सूखा और गीला कचरा डंप किया जा रहा था, जिससे वहां एक बड़ा ढेर बन गया था। शुक्रवार की रात तकरीबन 11:00 बजे इस ढेर से अचानक चिंगारियां उठीं और कुछ ही मिनटों में आग ने पूरे डंपिंग एरिया को अपनी चपेट में ले लिया। शुष्क मौसम के कारण आग इतनी तेजी से भड़की कि उसकी ऊंची-ऊंची लपटें और धुएं का गुबार कई किलोमीटर की दूरी से भी साफ तौर पर देखा जा सकता था। परिसर में आग फैलने के डर से स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस प्रशासन और आपातकालीन फायर स्टेशन को इसकी सूचना दी।
दमकल कर्मियों ने संभाला मोर्चा, धुएं के कारण सांस लेने में हुई दिक्कत
सूचना मिलते ही दमकल विभाग की गाड़ियां और बचाव दल दलबल के साथ घटना स्थल पर दाखिल हुए। आधी रात को दमकल कर्मियों ने मोर्चा संभालते हुए रिहायशी बैरकों की तरफ बढ़ रही लपटों को रोकने का काम शुरू किया। हालांकि, प्लास्टिक और अन्य कचरे के जलने से पैदा हुए अत्यधिक और जहरीले धुएं के कारण आसपास के फ्लैट्स में रहने वाले लोगों और अस्पताल में भर्ती मरीजों को सांस लेने तथा आंखों में जलन जैसी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। इस अप्रत्याशित घटना के बाद सुरक्षा के मद्देनजर मौके पर क्षेत्रीय नागरिकों और अस्पताल स्टाफ की भारी भीड़ जमा हो गई थी, जिन्हें पुलिस ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षित दूरी पर हटाया। आग लगने के सटीक कारणों की जांच की जा रही है।

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