मोदी सरकार के 12 वर्ष पूरे होने पर सीएम साय का पत्र, उपलब्धियों का किया उल्लेख
रायपुर: छत्तीसगढ़ सरकार ने वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक चुस्त-दुरुस्त और प्रभावी बनाने के लिए भारतीय वन सेवा (IFS) के चार वरिष्ठ अधिकारियों के कार्यक्षेत्र में बड़ा बदलाव किया है। विभाग द्वारा जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार, शासकीय आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए इन आला अफसरों को कई महत्वपूर्ण विभागों का अतिरिक्त प्रभार और नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं, ताकि वन संरक्षण और विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन को नई गति दी जा सके।
इन ४ दिग्गज आईएफएस अफसरों को मिली नई कमान
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शालिनी रैना (IFS): वरिष्ठ आईएफएस अधिकारी शालिनी रैना को राज्य में कैंपा (CAMPA) यानी 'प्रतिपूरक वनीकरण कोष प्रबंधन एवं योजना प्राधिकरण' के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) का बेहद महत्वपूर्ण अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।
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ओपी यादव (IFS): मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक ओपी यादव को अब प्रभारी प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव प्रबंधन एवं जैव विविधता संरक्षण) की एक और बड़ी जिम्मेदारी दी गई है।
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कौशलेंद्र कुमार (IFS): वरिष्ठ अधिकारी कौशलेंद्र कुमार को छत्तीसगढ़ राज्य वन अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान के निदेशक पद का अतिरिक्त जिम्मा मिला है, जिससे वन क्षेत्र में रिसर्च और ट्रेनिंग को मजबूती मिलेगी।
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वी. माथेश्वरन (IFS): वरिष्ठ आईएफएस अधिकारी माथेश्वरन को पूरे विभाग की विकास योजना, बजट आवंटन और लेखा (अकाउंट्स) संबंधी वित्तीय कार्यों की मुख्य देखरेख की जिम्मेदारी दी गई है।
विभागीय कामकाज और वित्तीय प्रबंधन में आएगी तेजी
मंत्रालय सूत्रों के अनुसार, वन विभाग का यह नया पुनर्गठन केवल एक सामान्य फेरबदल नहीं है, बल्कि इसके जरिए राज्य में जैव विविधता (बायोडायवर्सिटी) के संवर्धन, वन्यजीवों की सुरक्षा, वनीकरण के बजट का सही इस्तेमाल और फील्ड में तैनात वनकर्मियों की ट्रेनिंग को और ज्यादा आधुनिक बनाने का लक्ष्य रखा गया है। नए प्रभार मिलने के बाद सभी चारों अधिकारियों ने अपनी-अपनी नई भूमिकाओं में काम शुरू कर दिया है।
रायपुर: छत्तीसगढ़ सरकार ने वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक चुस्त-दुरुस्त और प्रभावी बनाने के लिए भारतीय वन सेवा (IFS) के चार वरिष्ठ अधिकारियों के कार्यक्षेत्र में बड़ा बदलाव किया है। विभाग द्वारा जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार, शासकीय आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए इन आला अफसरों को कई महत्वपूर्ण विभागों का अतिरिक्त प्रभार और नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं, ताकि वन संरक्षण और विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन को नई गति दी जा सके।
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शालिनी रैना (IFS): वरिष्ठ आईएफएस अधिकारी शालिनी रैना को राज्य में कैंपा (CAMPA) यानी 'प्रतिपूरक वनीकरण कोष प्रबंधन एवं योजना प्राधिकरण' के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) का बेहद महत्वपूर्ण अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।
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ओपी यादव (IFS): मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक ओपी यादव को अब प्रभारी प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव प्रबंधन एवं जैव विविधता संरक्षण) की एक और बड़ी जिम्मेदारी दी गई है।
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कौशलेंद्र कुमार (IFS): वरिष्ठ अधिकारी कौशलेंद्र कुमार को छत्तीसगढ़ राज्य वन अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान के निदेशक पद का अतिरिक्त जिम्मा मिला है, जिससे वन क्षेत्र में रिसर्च और ट्रेनिंग को मजबूती मिलेगी।
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वी. माथेश्वरन (IFS): वरिष्ठ आईएफएस अधिकारी माथेश्वरन को पूरे विभाग की विकास योजना, बजट आवंटन और लेखा (अकाउंट्स) संबंधी वित्तीय कार्यों की मुख्य देखरेख की जिम्मेदारी दी गई है।
विभागीय कामकाज और वित्तीय प्रबंधन में आएगी तेजी
मंत्रालय सूत्रों के अनुसार, वन विभाग का यह नया पुनर्गठन केवल एक सामान्य फेरबदल नहीं है, बल्कि इसके जरिए राज्य में जैव विविधता (बायोडायवर्सिटी) के संवर्धन, वन्यजीवों की सुरक्षा, वनीकरण के बजट का सही इस्तेमाल और फील्ड में तैनात वनकर्मियों की ट्रेनिंग को और ज्यादा आधुनिक बनाने का लक्ष्य रखा गया है। नए प्रभार मिलने के बाद सभी चारों अधिकारियों ने अपनी-अपनी नई भूमिकाओं में काम शुरू कर दिया है।

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