राहुल गांधी पर केटीआर का तीखा हमला: 'तेलंगाना के युवाओं को नौकरी देने का वादा कर भूले, चुनाव खत्म-दावे खत्म'
हैदराबाद | भारत राष्ट्र समिति (BRS) के कार्यकारी अध्यक्ष केटी रामा राव (KTR) ने सूबे की सत्ताधारी कांग्रेस सरकार और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि विधानसभा चुनाव के दौरान राहुल गांधी ने अशोक नगर में बेरोजगार विद्यार्थियों और नौजवानों के बीच जाकर जो बड़े-बड़े लोकलुभावन वादे किए थे, सरकार बनने के ढाई साल बीत जाने के बाद भी वे धरातल पर नहीं उतर सके हैं।
बेरोजगार युवाओं का सामना करने की चुनौती और नौकरियों का गणित
केटीआर ने कांग्रेस के घोषणापत्र पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि सत्ता में आने के बाद से यह सरकार अब तक युवाओं को 4000 नई नौकरियां भी देने में पूरी तरह नाकाम साबित हुई है। उन्होंने राहुल गांधी को खुली चुनौती दी कि वे तेलंगाना की धरती पर कदम रखें और यहां के ठगे हुए बेरोजगार युवाओं की आंखों में आंखें डालकर उनका सामना करें। इसके साथ ही बीआरएस नेता ने सूबे के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी को भी ललकारा कि अगर उनमें हिम्मत है, तो वे बिना किसी पुलिस सुरक्षा और भारी लवाजमे के सीधे चिक्कड़पल्ली लाइब्रेरी और अशोक नगर चौराहे पर जाकर वहां के युवाओं से मुलाकात करें।
दुष्प्रचार से सत्ता हथियाने का आरोप और बीआरएस की हार की वजह
विपक्षी दल पर हमला जारी रखते हुए केटीआर ने दावा किया कि कांग्रेस ने पिछली बीआरएस सरकार के खिलाफ केवल भ्रामक सूचनाएं, झूठे आरोप और जहरीला दुष्प्रचार फैलाकर सत्ता की कुर्सी हासिल की है। कांग्रेस की गारंटी कार्ड पॉलिटिक्स पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि झूठी घोषणाओं से जनता को गुमराह किया गया, जिसने तेलंगाना के सौहार्दपूर्ण राजनैतिक माहौल को प्रदूषित करने का काम किया। उन्होंने अपनी पार्टी का पक्ष रखते हुए कहा कि बीआरएस हमेशा अपने दम पर चुनाव लड़ती और जीतती आई है। पिछला चुनाव वे सिर्फ कांग्रेस के सुनियोजित भ्रामक अभियान के कारण हारे थे। उन्होंने दोहराया कि उनकी पार्टी केसीआर के उसूलों पर चलती है, जो जीत पर अहंकार न करने और हार पर निराश न होने की सीख देते हैं।
तेलंगाना को 25 साल पीछे धकेलने और चौतरफा संकट का दावा
बीआरएस के कार्यकारी अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस के इस आधे कार्यकाल यानी पिछले 30 महीनों में राज्य का विकास पूरी तरह ठप हो गया है और तेलंगाना विकास के पैमाने पर 25 साल पीछे खिसक गया है। केटीआर के अनुसार, जो राज्य पहले प्रगति की नई ऊंचाइयों को छू रहा था, वहां आज चारों तरफ केवल हाहाकार मचा हुआ है। वर्तमान में पूरा तेलंगाना विरोध-प्रदर्शनों का अखाड़ा बन चुका है, जहां किसान, बेरोजगार नौजवान, सरकारी कर्मचारी और पेंशनभोगी अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर उतरने को मजबूर हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस राज में राज्य का कोई भी वर्ग खुश नहीं है और कभी फलने-फूलने वाला कृषि क्षेत्र आज गंभीर संकट के मुहाने पर खड़ा है।

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