UP: दो घंटे तक एंबुलेंस का इंतजार, भाजपा नेता की मौत से मचा हड़कंप
बहराइच/लखनऊ। स्थानीय मेडिकल कॉलेज की लचर स्वास्थ्य व्यवस्था पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। समय पर एंबुलेंस न मिलने के कारण भाजपा के एक वरिष्ठ नेता की इलाज के अभाव में मौत हो गई। इस घटना के बाद से मृतक के परिजनों में भारी आक्रोश है और उन्होंने अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही का सीधा आरोप लगाया है।
मोहल्ला बशीरगंज के रहने वाले भाजपा के पूर्व नगर उपाध्यक्ष ओम प्रकाश गुप्त (55 वर्ष) की सोमवार रात अचानक तबीयत बिगड़ गई थी। घबराए परिजन उन्हें तुरंत इलाज के लिए पास के मेडिकल कॉलेज ले गए। वहां मौजूद डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार तो किया, लेकिन हालत नाजुक देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए लखनऊ के लॉरी अस्पताल रेफर कर दिया।
दो घंटे तक तड़पते रहे मरीज, नहीं मिली गाड़ी
मृतक के बेटे दिनेश गुप्त ने बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि डॉक्टरों द्वारा रेफर किए जाने के बाद वे लगभग दो घंटे तक एंबुलेंस के लिए मिन्नतें करते रहे। काउंटर से लेकर अधिकारियों तक गुहार लगाई गई, लेकिन अस्पताल की तरफ से कोई वाहन मुहैया नहीं कराया गया। एंबुलेंस के इंतजार में समय बीतता गया और आखिरकार भाजपा नेता ने अस्पताल परिसर में ही दम तोड़ दिया। परिजनों का कहना है कि वे इस पूरी लापरवाही की लिखित शिकायत मुख्यमंत्री से करेंगे।
चार एंबुलेंस पर पूरे जिले का दारोमदार
इस दुखद घटना पर सफाई देते हुए मेडिकल कॉलेज के लाइफ सपोर्ट सिस्टम एंबुलेंस के प्रभारी बासुदेव पांडेय ने माना कि संसाधनों की भारी कमी है। उन्होंने बताया कि कॉलेज के पास कुल छह एंबुलेंस हैं, जिनमें से दो सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) से संबद्ध हैं। बाकी बची सिर्फ चार एंबुलेंसों पर पूरे जिले की आपातकालीन सेवाओं का बोझ है। प्रभारी के मुताबिक, एक ही समय में कई गंभीर मरीज आ जाने के कारण व्यवस्था चरमरा जाती है।
दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई
अस्पताल प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच के आदेश दे दिए हैं। एंबुलेंस प्रभारी ने आश्वासन दिया है कि इस पूरे प्रकरण की निष्पक्षता से जांच कराई जाएगी। जांच में जो भी तथ्य और लापरवाही सामने आएगी, उसके आधार पर संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाए जाएंगे और दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

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