पकड़े जाने पर पहले भटका, फिर रोते हुए स्वीकार किया पैरोल उल्लंघन
नई दिल्ली: यह बात एक बार फिर सच साबित हुई है कि कानून के हाथ बहुत लंबे होते हैं और अपराधी चाहे जितनी भी चालाकी कर ले, वह लंबे समय तक न्याय से बच नहीं सकता। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए राकेश पटेल उर्फ पप्पी नाम के एक ऐसे शातिर अपराधी को दबोच लिया है, जो हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा पाए जाने के बाद पिछले 24 वर्षों से पुलिस की आंखों में धूल झोंककर फरार चल रहा था।
पैरोल का फायदा उठाकर 24 साल पहले हुआ था फरार
इस पूरे मामले की शुरुआत दो दशक से भी पहले हुई थी। साल 2002 में दिल्ली हाई कोर्ट ने दोषी राकेश पटेल को कुछ दिनों की पैरोल मंजूर की थी। पैरोल की अवधि खत्म होने के बाद नियमानुसार उसे जेल प्रशासन के सामने आत्मसमर्पण (सरेंडर) करना था, लेकिन वह वापस नहीं लौटा और पैरोल जंप करके फरार हो गया। इसके बाद से ही दिल्ली पुलिस लगातार उसकी तलाश कर रही थी।
पहचान छिपाकर प्रयागराज में रचाई नई दुनिया
पुलिस की गिरफ्त से बचने के लिए राकेश पटेल ने अपना ठिकाना पूरी तरह बदल लिया। वह दिल्ली छोड़कर उत्तर प्रदेश के प्रयागराज (इलाहाबाद) में जाकर रहने लगा। खुद को कानून की नजरों से बचाए रखने के लिए उसने अपना नाम बदलकर 'नंदलाल वर्मा' रख लिया। इस फर्जी नाम के सहारे वह वहां पिछले कई सालों से ऑटो पार्ट्स (वाहनों के कलपुर्जे) बेचने का कारोबार चला रहा था ताकि किसी को उस पर रत्ती भर भी शक न हो।
क्राइम ब्रांच ने जाल बिछाकर जहांगीरपुरी के मूल निवासी को दबोचा
क्राइम ब्रांच के डीसीपी पंकज कुमार ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि पकड़ा गया अपराधी राकेश पटेल मूल रूप से दिल्ली के जहांगीरपुरी इलाके का रहने वाला है। गुप्त सूचना और पुख्ता तकनीकी छानबीन के आधार पर पुलिस की विशेष टीम ने प्रयागराज में छापेमारी की और आखिरकार उसे गिरफ्तार कर लिया। 24 साल बाद मिली इस कामयाबी को दिल्ली पुलिस के लिए एक बड़ी सफलता माना जा रहा है।

राशिफल 26 जुलाई 2026: जानिए आज का दिन आपके लिए कैसा रहेगा
राहुल गांधी का बड़ा बयान: 'कॉकरोच आंदोलन' के बाद छात्रों पर हिंसा को लेकर सरकार पर निशाना
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर शरद पवार का बड़ा दावा, बोले- 'PM से बातचीत के बाद बदला घटनाक्रम'
'फोन छूने पर बेरहमी से पीटते थे', नौकरी दिलाने के नाम पर युवकों के साथ हुआ खौफनाक खेल
जिस सरकार ने कहा- इस्तीफे नहीं होते, उसी में 12 साल में कई बड़े नेताओं ने छोड़ा पद
दमिश्क हाईवे पर मौत का सफर: बस दुर्घटना में 35 यात्रियों की दर्दनाक मौत
रालोद में अंदरूनी कलह खुलकर आई सामने, 10 पदाधिकारियों ने दिया सामूहिक इस्तीफा
CM शुभेंदु की चेतावनी, 'धोखेबाज भतीजे को कोई नहीं बचा पाएगा', घोटाले पर सियासी वार