“ममता बनर्जी का बड़ा दावा: दिल्ली की सत्ता से जल्द हटेगी भाजपा सरकार”
कोलकाता। पश्चिम बंगाल के हालिया विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) को एक बड़े उलटफेर का सामना करना पड़ा है। पिछले 15 सालों से राज्य की सत्ता पर काबिज टीएमसी इस बार केवल 80 सीटों पर सिमट गई है, जबकि भाजपा ने ऐतिहासिक बहुमत हासिल कर राज्य में अपनी नई सरकार बना ली है। इस करारी हार के बाद भी टीएमसी प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के हौसले पस्त नहीं हुए हैं। उन्होंने कालीघाट स्थित अपने आवास पर पार्टी विधायकों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की, जिसमें उन्होंने भाजपा के खिलाफ अपनी राजनीतिक लड़ाई को और तेज करने का संकल्प लिया। ममता बनर्जी ने दावा किया कि आने वाले दिनों में भाजपा को केंद्र की सत्ता से भी हाथ धोना पड़ेगा।
नई सरकार पर तानाशाही का आरोप
बैठक के दौरान ममता बनर्जी ने राज्य की नई भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि सत्ता में आते ही अल्पसंख्यक समुदायों और सड़क किनारे दुकान लगाने वाले हॉकर्स को जानबूझकर परेशान किया जा रहा है। ममता बनर्जी ने चेतावनी दी कि देश में चल रही तथाकथित तानाशाही और बुलडोजर संस्कृति के कारण जनता के बीच भारी गुस्सा पनप रहा है। उनका मानना है कि जनता का यही आक्रोश अंततः केंद्र सरकार को सत्ता से बाहर का रास्ता दिखाएगा। इस दमनकारी नीति के विरोध में टीएमसी ने कोलकाता, बालीगंज, हावड़ा जंक्शन और सियालदह रेलवे स्टेशन जैसे प्रमुख इलाकों में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन शुरू करने का फैसला किया है, ताकि भाजपा के खिलाफ एक राष्ट्रव्यापी माहौल तैयार किया जा सके।
केंद्रीय एजेंसियों के आगे न झुकने का संकल्प
इस बैठक में टीएमसी के महासचिव अभिषेक बनर्जी ने भी वर्तमान मुख्यमंत्री पर सीधा निशाना साधा। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं में जोश भरते हुए साफ कर दिया कि वे केंद्रीय एजेंसियों के नोटिस या किसी भी तरह की दंडात्मक कार्रवाई से डरने वाले नहीं हैं। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि भाजपा के खिलाफ उनका संघर्ष बिना रुके जारी रहेगा।
हिंसा के खिलाफ ममता बनर्जी खुद पहुंचीं कोर्ट
चुनाव नतीजे आने के बाद से ही राज्य के कई हिस्सों से हिंसा, आगजनी और झड़पों की खबरें सामने आ रही हैं। इन घटनाओं को लेकर टीएमसी ने कानूनी रुख अख्तियार किया है और कलकत्ता हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की है। टीएमसी का आरोप है कि चुनाव के बाद उनके कार्यकर्ताओं और दफ्तरों को निशाना बनाया जा रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए ममता बनर्जी ने एक बेहद चौंकाने वाला कदम उठाया। वे खुद वकील की पोशाक पहनकर कलकत्ता हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस की अदालत में पेश हुईं। उन्होंने अदालत से गुहार लगाई है कि प्रभावित कार्यकर्ताओं को तुरंत सुरक्षा दी जाए और इस पूरी हिंसा की जांच कोर्ट की निगरानी में निष्पक्ष तरीके से कराई जाए। फिलहाल इस बड़े राजनीतिक उलटफेर के बाद पूरे पश्चिम बंगाल का सियासी माहौल गरमाया हुआ है।

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