NEET विवाद पर एक्शन, NTA में नए अधिकारियों की नियुक्ति
नई दिल्ली: नीट (NEET) पेपर लीक विवाद के बीच केंद्र सरकार ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) में बहुत बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है। एजेंसी की प्रशासनिक और संचालन व्यवस्था को मजबूत करने के लिए केंद्र सरकार ने नए जॉइंट सेक्रेटरी (संयुक्त सचिव) और जॉइंट डायरेक्टर (संयुक्त निदेशक) की नियुक्तियां की हैं। कैबिनेट की नियुक्ति समिति (ACC) ने इन पदों को हरी झंडी दे दी है। हाल के दिनों में परीक्षा प्रणाली पर उठे गंभीर सवालों के बीच सरकार का यह कदम बेहद अहम माना जा रहा है।
नए अधिकारियों की एंट्री और कार्यकाल
सरकारी आदेश के अनुसार, अनुजा बापट (भारतीय सांख्यिकी सेवा, 1998 बैच) और रुचिता विज (भारतीय राजस्व सेवा, 2004 बैच) को 5 साल के कार्यकाल के लिए NTA में संयुक्त सचिव नियुक्त किया गया है। इसके लिए डिप्टी सेक्रेटरी स्तर के पदों को अस्थाई रूप से अपग्रेड किया गया है। वहीं, आकाश जैन (IRS-इनकम टैक्स) और आदित्य राजेंद्र भोजगड़िया (भारतीय लेखापरीक्षा एवं लेखा सेवा) को संयुक्त निदेशक के पद पर तैनात किया गया है।
इस बदलाव के बीच शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने भी माना कि NTA में अभी और सुधारों की जरूरत है। उन्होंने कहा कि सुधार एक निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है और बिना किसी गलती के (Zero-Error) परीक्षा कराना सरकार की प्राथमिकता है।
क्या है पूरा नीट विवाद और अब तक की कार्रवाई?
गौरतलब है कि इसी साल 3 मई को 22 लाख से अधिक छात्रों ने नीट-यूजी (NEET-UG) की परीक्षा दी थी। पेपर लीक के गंभीर आरोपों के बाद सरकार ने इसी हफ्ते इस परीक्षा को रद्द कर दिया, जिससे लाखों छात्रों का भविष्य अधर में लटक गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए सीबीआई (CBI) ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इस मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए दिल्ली की एक अदालत ने पेपर लीक के कथित मास्टरमाइंड पी वी कुलकर्णी और एक अन्य आरोपी मनीषा वाघमारे को 10 दिनों की सीबीआई हिरासत में भेज दिया है।

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