US में अदाणी समूह से जुड़े विवाद पर हलचल तेज, धोखाधड़ी आरोपों के बीच अगला कदम अहम
वॉशिंगटन | भारतीय दिग्गज कारोबारी गौतम अदाणी अमेरिका में अपने खिलाफ चल रही विभिन्न कानूनी जांचों के पूर्ण समाधान के बेहद नजदीक पहुंच गए हैं। इस दिशा में एक बड़ी राहत देते हुए अमेरिकी प्रतिभूति एवं विनिमय आयोग (SEC) ने उनके खिलाफ दर्ज दीवानी मामले को रफा-दफा कर दिया है। माना जा रहा है कि आने वाले कुछ ही दिनों में अमेरिकी न्याय विभाग (DOJ) और कोषागार विभाग भी इनके समानांतर चल रही अन्य जांचों को आधिकारिक तौर पर बंद कर सकते हैं।
बिना दोष स्वीकारे जुर्माने के भुगतान पर बनी सहमति
मामले से जुड़े सूत्रों के अनुसार, अमेरिकी प्रतिभूति एवं विनिमय आयोग (SEC) ने गौतम अदाणी और उनके भतीजे सागर अदाणी पर निवेशकों को अधूरी जानकारी देने से जुड़े दीवानी आरोपों का निपटारा कर दिया है। यह पूरा मामला भारत में सौर ऊर्जा परियोजनाओं से जुड़ा हुआ था। अदालती दस्तावेजों के मुताबिक, इस समझौते के तहत बिना किसी गलती या दोष को स्वीकार या अस्वीकार किए, गौतम अदाणी 6 लाख डॉलर और सागर अदाणी 1.2 करोड़ डॉलर का जुर्माना भरने पर सहमत हुए हैं।
आपराधिक आरोप हटने की तैयारी और कानूनी टीम की भूमिका
इस दीवानी समझौते के बाद अब अमेरिकी न्याय विभाग (DOJ) दोनों भारतीय कारोबारियों के खिलाफ दर्ज आपराधिक मामलों को पूरी तरह से वापस लेने की तैयारी में है। यह महत्वपूर्ण सफलता सरकारी अभियोजकों और अदाणी समूह की मजबूत कानूनी टीम के बीच महीनों चली लंबी बातचीत के बाद मिली है। इस कानूनी टीम का नेतृत्व 'सुलिवन एंड क्रॉमवेल' के वरिष्ठ भागीदार और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निजी वकीलों में शामिल रॉबर्ट जे जिउफ्रा जूनियर कर रहे थे।
नवंबर 2024 में लगे थे धोखाधड़ी के गंभीर आरोप
गौरतलब है कि नवंबर 2024 में अमेरिकी प्रतिभूति एवं विनिमय आयोग और न्याय विभाग ने एक शिकायत दर्ज की थी। इसमें आरोप लगाया गया था कि अदाणी समूह ने भारत में सोलर पावर कॉन्ट्रैक्ट हासिल करने के लिए भारतीय अधिकारियों को कथित तौर पर 26.5 करोड़ डॉलर की रिश्वत देने की योजना बनाई थी। साथ ही अमेरिकी बैंकों और निवेशकों से फंड जुटाते समय इस बात को छिपाया गया। अभियोजकों ने गौतम अदाणी पर मुख्य रूप से प्रतिभूति (Securities) और वायर धोखाधड़ी के आरोप लगाए थे, लेकिन उन्हें विदेशी भ्रष्ट आचरण अधिनियम (FCPA) के तहत लगने वाले रिश्वतखोरी के ज्यादा गंभीर आरोपों में शामिल नहीं किया गया था।

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