विरोध प्रदर्शन के बाद विधायक देवेंद्र यादव और समर्थकों की बढ़ीं मुश्किलें
बेमेतरा| छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले के चंदनू थाना अंतर्गत ग्राम झिरिया में खाद्य मंत्री दयालदास बघेल की प्रतीकात्मक शव यात्रा निकालने के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। जिला पंचायत सदस्य अंजू उर्फ अंजय बघेल की शिकायत पर भिलाई नगर विधायक देवेंद्र यादव समेत कई कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की गई है।
क्या है पूरा विवाद?
आरोप है कि 9 मई 2026 को ग्राम झिरिया के बाजार चौक पर कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव, पूर्व विधायक गुरुदयाल सिंह बंजारे और उनके समर्थकों ने एक कार्यक्रम आयोजित किया था। इस दौरान कैबिनेट मंत्री दयालदास बघेल को मृत बताते हुए शोक पत्र बांटे गए और मंच से विवादित भाषणबाजी की गई। इसके बाद बांस का पुतला बनाकर मुख्य मार्ग पर शव यात्रा निकाली गई, जिससे काफी देर तक रास्ता जाम रहा और आम जनता को परेशानी का सामना करना पड़ा।
परिजनों ने जताया भारी विरोध
मंत्री के पुत्र और शिकायतकर्ता अंजू बघेल ने पुलिस को बताया कि उनके पिता जीवित और स्वस्थ हैं। जीवित व्यक्ति की शव यात्रा निकालना न केवल उनके परिवार की धार्मिक और व्यक्तिगत भावनाओं को ठेस पहुँचाने वाला कृत्य है, बल्कि यह सामाजिक परंपराओं का भी अपमान है। उन्होंने इसे मंत्री की छवि धूमिल करने की एक सोची-समझी राजनीतिक साजिश करार दिया है।
इन धाराओं में दर्ज हुआ मामला
पुलिस ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 126, 299, 356 और 3(5) के तहत अपराध दर्ज कर लिया है। एफआईआर में विधायक देवेंद्र यादव के अलावा आरिफ बाठिया, प्रांजल तिवारी, सनतधर दीवान, शक्तिधर दीवान समेत करीब 17 लोगों को नामजद किया गया है।
जांच जारी
चंदनू थाना पुलिस ने मामले की आधिकारिक विवेचना शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि घटना के वीडियो और अन्य साक्ष्यों के आधार पर सभी आरोपियों की भूमिका की बारीकी से जांच की जा रही है, जिसके बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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