एयरफोर्स अधिकारी बनकर करते थे ठगी, पुलिस ने खोला राज
नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने हाई-टेक ठगी करने वाले एक शातिर अंतर्राज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। मेवात से संचालित होने वाला यह गिरोह खुद को भारतीय वायु सेना (IAF) का फर्जी अधिकारी बताकर व्यापारियों को अपना शिकार बनाता था। पुलिस ने इस मामले में उत्तर प्रदेश और हरियाणा के विभिन्न इलाकों से चार आरोपियों को दबोचने में सफलता हासिल की है।
फर्जी 'परचेज ऑर्डर' से जीतते थे भरोसा
पुलिस जांच में सामने आया है कि ये ठग बेहद शातिर तरीके से वारदात को अंजाम देते थे। खुद को वायु सेना का अफसर बताकर ये व्यापारियों को एल्यूमिनस लैटेराइट जैसी सामग्रियों की सप्लाई के फर्जी खरीद आदेश (Purchase Orders) भेजते थे। जाली दस्तावेजों के दम पर ये व्यापारियों का भरोसा जीतते और फिर एडवांस पेमेंट या अन्य बहानों से उनसे मोटी रकम वसूल लेते थे। हाल ही में एक पीड़ित व्यापारी से इन्होंने करीब 5 लाख रुपये की धोखाधड़ी की थी।
फर्जी सिम और बैंक खातों का मायाजाल
क्राइम ब्रांच के अनुसार, इस गिरोह ने खुद को बचाने के लिए एक जटिल नेटवर्क तैयार कर रखा था:
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फर्जी सिम कार्ड: गिरोह फर्जी पहचान पत्रों पर लिए गए सिम कार्ड्स का इस्तेमाल करता था।
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बैंक खाते: ठगी की रकम को खपाने के लिए दूसरों के नाम पर खुले बैंक खातों का प्रयोग किया जाता था।
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गिरफ्तारी: पकड़े गए चार आरोपियों में फर्जी सिम सप्लाई करने वाले, बिचौलिए और मुख्य साजिशकर्ता शामिल हैं।
पूरे नेटवर्क पर पुलिस की नजर
दिल्ली पुलिस अब इस गिरोह के मास्टरमाइंड और अन्य सदस्यों तक पहुँचने के लिए जांच का दायरा बढ़ा रही है। पुलिस को अंदेशा है कि इस गैंग ने देश के अन्य हिस्सों में भी कई व्यापारियों को इसी तरह अपना शिकार बनाया होगा। क्राइम ब्रांच ने व्यापारियों को सलाह दी है कि किसी भी सरकारी विभाग के नाम पर आने वाले ऑनलाइन ऑर्डर्स की पुष्टि आधिकारिक स्रोतों से जरूर करें।

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