सावधान! बच्चों पर मंडरा रहा है भीषण गर्मी का खतरा; स्कूल जाने वाले बच्चों को 'हीट स्ट्रोक' से बचाने के रामबाण उपाय

अप्रैल के महीने में सूरज के कड़े तेवर बच्चों की सेहत बिगाड़ सकते हैं। स्कूल के समय सूरज की सीधी धूप और गर्म हवाओं के कारण छोटे बच्चों और कमजोर इम्यूनिटी वालों को लू (Heat Stroke) लगने की संभावना अधिक रहती है। अभिभावक नीचे दी गई सावधानियों का पालन कर अपने बच्चों को सुरक्षित रख सकते हैं।

1. हाइड्रेशन का रखें विशेष ध्यान गर्मी में बच्चों का शरीर जल्दी पानी खो देता है। उन्हें हर 1-2 घंटे में पानी पीने के लिए प्रेरित करें। पानी के साथ-साथ मौसमी फल और ताजे जूस भी दें, जिससे शरीर का तापमान नियंत्रित रहे।

2. पहनावा हो आरामदायक बच्चों को गहरे रंग के बजाय हल्के रंग के सूती कपड़े पहनाएं। सूती वस्त्र पसीने को सोखते हैं और शरीर को ठंडा रखने में मदद करते हैं, जिससे बच्चा तपिश में भी सहज महसूस करता है।

3. धूप से सीधी सुरक्षा सूरज की सीधी रोशनी से बचाव के लिए बच्चों को कैप, हैट या छाता साथ रखने की आदत डालें। कोशिश करें कि बच्चे अधिक समय तक धूप में न रहें और छायादार रास्तों का ही उपयोग करें।

4. हल्का और सुपाच्य भोजन गर्मियों में भारी या गरिष्ठ भोजन शरीर की ऊष्मा बढ़ाता है। बच्चों को नाश्ते में दही, फल और जूस जैसे हाइड्रेटिंग विकल्प दें। इससे वे स्कूल में सक्रिय और ऊर्जावान बने रहेंगे।

स्कूल जाने वाले बच्चों के लिए विशेष टिप्स:

  • हल्का स्कूल बैग: बैग में केवल जरूरी किताबें और पानी की बोतल ही रखें। अतिरिक्त वजन गर्मी में थकान को दोगुना कर देता है।

  • सनस्क्रीन का प्रयोग: त्वचा को यूवी किरणों से बचाने के लिए चेहरे और हाथों पर हल्का सनस्क्रीन लगाएं। यह धूप से होने वाली जलन और लालिमा को रोकता है।