ग्राम पंचायत स्तर पर पोषण पखवाड़ा का भव्य आयोजन, महिलाओं व बालिकाओं को किया गया जागरूक
ग्राम पंचायत स्तर पर पोषण पखवाड़ा का भव्य आयोजन, महिलाओं व बालिकाओं को किया गया जागरूक
दिनांक 13 अप्रैल को ग्राम पंचायत स्तर पर आंगनवाड़ी केंद्र क्रमांक 1, 2 एवं मिनी केंद्र के संयुक्त तत्वावधान में पोषण पखवाड़ा कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य क्षेत्र की महिलाओं, बालिकाओं एवं गर्भवती माताओं को स्वास्थ्य, पोषण एवं स्वच्छता के प्रति जागरूक करना था।
कार्यक्रम की शुरुआत सभी उपस्थित महिलाओं के स्वागत के साथ की गई। इसके पश्चात आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा पोषण पखवाड़ा के महत्व पर प्रकाश डाला गया। कार्यकर्ता श्रीमती तेजा चौहान, बीना भूरिया एवं टीना सोलंकी ने महिलाओं को संतुलित आहार, आयरन, कैल्शियम, प्रोटीन एवं विटामिन युक्त भोजन के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सही पोषण न केवल महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए आवश्यक है, बल्कि बच्चों के शारीरिक एवं मानसिक विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
सहायिका शांता बाई वसुनिया, शारदा पड़ीहार एवं ज्योति वासुन ने भी कार्यक्रम में सक्रिय भूमिका निभाते हुए महिलाओं को दैनिक जीवन में अपनाई जाने वाली स्वच्छता की आदतों, साफ-सफाई, हाथ धोने की सही विधि एवं सुरक्षित पेयजल के महत्व के बारे में समझाया। उन्होंने बताया कि छोटी-छोटी सावधानियां अपनाकर कई बीमारियों से बचा जा सकता है।
कार्यक्रम में गांव की बुजुर्ग महिलाएं विशेष रूप से उपस्थित रहीं। उन्होंने अपने जीवन के अनुभव साझा करते हुए पारंपरिक एवं पौष्टिक खान-पान की जानकारी दी और नई पीढ़ी को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की सलाह दी। उनकी बातों ने कार्यक्रम को और भी प्रेरणादायक बना दिया।
इस अवसर पर गर्भवती महिलाएं भी कार्यक्रम में शामिल हुईं। उन्हें गर्भावस्था के दौरान आवश्यक पोषण, समय-समय पर स्वास्थ्य जांच, टीकाकरण एवं आयरन-फोलिक एसिड की गोलियों के सेवन के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। साथ ही उन्हें यह भी बताया गया कि गर्भावस्था के दौरान संतुलित आहार एवं नियमित देखभाल से मां और शिशु दोनों स्वस्थ रह सकते हैं।
कार्यक्रम के दौरान महिलाओं एवं बालिकाओं को कुपोषण के दुष्प्रभावों के बारे में भी अवगत कराया गया। आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने बताया कि कुपोषण के कारण बच्चों में शारीरिक कमजोरी, विकास में रुकावट एवं कई गंभीर बीमारियां हो सकती हैं, इसलिए सभी को अपने परिवार में पौष्टिक आहार को प्राथमिकता देनी चाहिए।
इसके अतिरिक्त, महिलाओं को विभिन्न सरकारी योजनाओं के बारे में भी जानकारी दी गई, जिनका लाभ उठाकर वे अपने और अपने बच्चों के स्वास्थ्य को बेहतर बना सकती हैं। उन्हें आंगनवाड़ी केंद्र से मिलने वाली सेवाओं, जैसे पूरक पोषण आहार, स्वास्थ्य जांच एवं टीकाकरण के महत्व के बारे में भी बताया गया।
कार्यक्रम के अंत में सभी महिलाओं एवं बालिकाओं को यह संकल्प दिलाया गया कि वे अपने परिवार एवं समाज में पोषण एवं स्वच्छता के प्रति जागरूकता फैलाएंगी और स्वस्थ जीवनशैली अपनाएंगी। सभी ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए इस अभियान को सफल बनाने का संकल्प लिया।
इस प्रकार यह पोषण पखवाड़ा कार्यक्रम ग्राम स्तर पर जागरूकता फैलाने में अत्यंत सफल रहा और उपस्थित सभी लोगों ने इसे सराहा।

केदारनाथ का त्रिकोणीय शिवलिंग: क्या है महाभारत से जुड़ा रहस्य?
दक्षिण का खाटू धाम: जहां बाबा श्याम करते हैं हर मुराद पूरी
शनि होंगे वक्री: 138 दिनों में चमकेगी 3 राशियों की किस्मत
राशिफल 23 अप्रैल 2026: जानिए आज का दिन आपके लिए कैसा रहेगा
वनाधिकार पट्टा और पीएम आवास से मुरिया परिवार को मिला नया जीवन
वर्मी कंपोस्ट उत्पादन बनी आत्मनिर्भरता की मिसाल
राज्यपाल पटेल से भारतीय विदेश सेवा के प्रशिक्षु अधिकारी मिले
मध्यप्रदेश को सामाजिक न्याय के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने के लिये करें समन्वित प्रयास : मंत्री कुशवाह
लेमनग्रास -किसानों के लिए कम पानी में ज्यादा कमाई का साधन