" कलम की लौ से अंधेरों को मात देते हैं, हम तस्वीरों के जरिए सच का साथ देते हैं "
" कलम की लौ से अंधेरों को मात देते हैं, हम तस्वीरों के जरिए सच का साथ देते हैं।"
भोपाल। भोपाल के फलक पर 'प्रातःकिरण' का आगाज: पत्रकारिता के 'भीष्म पितामह' के नेतृत्व में नई इब्तिदा
भोपाल। दिल्ली, पटना और जबलपुर की कामयाबी के बाद, अब नवाबों के शहर और मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल की सुबहा ‘दैनिक प्रातःकिरण’ की ताजगी के साथ होगी। यह केवल एक अखबार का विस्तार नहीं, बल्कि पत्रकारिता के उस ऊंचे मेयार (स्तर) को फिर से जिंदा करने की कोशिश है, जिसकी आज सख्त जरूरत है।
वरिष्ठ पत्रकार अरविंद शीले का 'नूर-ए-नजर'
इस अखबार की कमान मध्य प्रदेश की पत्रकारिता के स्तंभ और युवा पत्रकारों के 'पितामह' कहे जाने वाले वरिष्ठ पत्रकार अरविंद शीले के हाथों में है। दैनिक भास्कर, नई दुनिया और राज एक्सप्रेस जैसे बड़े संस्थानों में अपनी काबिलियत का लोहा मनवा चुके श्री शीले के पास अनुभवों का एक अजीम (महान) खजाना है। उनके मार्गदर्शन में यह अखबार निष्पक्षता और सच की नई इबारत लिखने को तैयार है।
चित्रों की जुबानी, खबरों की कहानी: एक 'अनोखी' पहल
दैनिक प्रातःकिरण की सबसे बड़ी खसूसियत (विशेषता) इसका कलेवर है। यह मुल्क का अपनी तरह का पहला और अनोखा 'चित्रों वाला अखबार' है। जहां शब्द कम पड़ जाते हैं, वहां तस्वीरें बोलती हैं। इस विजुअल पत्रकारिता के जरिए पाठकों को खबरों का एक अलग और रूहानी अहसास होगा।
बुजुर्गों की दुआएं और तस्दीक
अखबार की गुणवत्ता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पद्मश्री से सम्मानित अरविंद शीले के उस्ताद और देश के बेहद मोतबर (प्रतिष्ठित) पत्रकार विजय श्रीधर भी इसकी तारीफ कर चुके हैं। गुरु-शिष्य की इस विरासत और आशीर्वाद के साथ यह अखबार भोपाल की आवाम की तर्जुमानी (प्रतिनिधित्व) करने के लिए पूरी तरह मुस्तैद है।

Amit Shah का हमला—‘बंगाल में खाता भी नहीं खोल पाएगी कांग्रेस’, Rahul Gandhi पर साधा निशाना
होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव चरम पर, ईरानी सेना की जहाजों पर फायरिंग
Mallikarjun Kharge के बयान पर बवाल, BJP प्रतिनिधिमंडल ने EC से की मुलाकात
UP Board Result 2026: कल 4 बजे आएगा रिजल्ट, Amar Ujala पर मिलेगा डायरेक्ट लिंक
कर्नाटक में होमस्टे में विदेशी महिला से दुष्कर्म, नशीला पेय देने का आरोप; दो गिरफ्तार
तिलक वर्मा की 'विराट' उपलब्धि: गुजरात के 11 धुरंधरों पर भारी पड़ा मुंबई का यह अकेला शूरवीर।
जबलपुर में गर्मी का प्रचंड प्रहार; 42 डिग्री पहुंचा पारा, अगले 72 घंटे 'लू' का अलर्ट।
Bhaskara Rao का निधन, बगावत कर खुद बने थे मुख्यमंत्री
जबलपुर में विश्वासघात: सगाई के बाद मंगेतर से किया दुष्कर्म, फिर झूठा बहाना बनाकर तोड़ी शादी।