MP के 100 गांवों का होगा कायाकल्प, 332 करोड़ का मास्टर प्लान तैयार
भोपाल। भारत के नक्सल प्रभावित राज्यों से अब लगभग लाल आतंक का खात्मा हो चुका है. इसके साथ जो इलाके नक्सलियों की वजह से अब तक विकास से वंचित रह गए थे उनमें अब विकास परियोजनाएं रफ्तार पकडे़गी. इसी क्रम में मध्यप्रदेश के उन 100 गावों में अब तेजी से विकास होगा जो कभी नक्सलियों के गढ़ माने जाते थे. इन गांवों में अब तक बंदूक की गूंज सुनाई देती थी लेकिन अब नहीं अब यहां पर शिक्षा और चिकित्सा के साधन उपलब्ध होंगे।
कभी लाल आतंक के साए में पलते थे ये गांव
कभी लाल आतंक के साए में रहने वाले बालाघाट, मंडला और डिडौरी जिले के 100 गावों की जल्द ही तस्वीर बदलने वाली है. इन गांवों की तस्वीर बदलने के लिए सरकार ने 332 करोड़ रुपए का एक मेगा डेवलपमेंट प्रोजेक्ट तैयार किया है. सूबे के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस परियोजना के बारे में प्रधानंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के साथ भी बात की है।
सड़कों के निर्माण पर खर्च
इस पूरे बजट का सबसे बड़ा हिस्सा, यानी करीब 200 करोड़ रुपए, सड़कों के निर्माण पर खर्च किया जाएगा. प्रशासन ने ऐसी 150 किलोमीटर लंबी सड़कों की पहचान है जो प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में शामिल नहीं हो पाई थीं. ये सड़कें दो या उससे ज्यादा गावों को आपस में जोड़ेंगी, जिससे ग्रामीणों के लिए शहर तक पहुंचना आसान हो जाएगा।
बिजली की सेवा होगी दुरुष्त
इस बजट में से 13 से 14 करोड़ रुपये खर्च कर इन गांवों में बिजली की सेवा को दुरुष्त करने का प्रयास किया जाएगा. यहां कि अब वहां के बच्चे भी बिजली की रोशनी में पढ़ पाएंगे जहां एक समय इलेक्ट्रीसिटी की लाइनें बिछाना भी मुश्किल था. इन क्षेत्रों के युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए 8 करोड़ रुपए की लागत से दो नए आईटीआई कॉलेज खोले जाएंगे. इसके अलावा, करीब 2 करोड़ रुपए मछली पालन, बागवानी और उन्नत खेती के विस्तार के लिए रखे गए हैं।

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