सोनिया गांधी की तबीयत बिगड़ी, सर गंगा राम अस्पताल में भर्ती, डॉक्टरों ने दी जानकारी
नई दिल्ली: कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष और वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी को स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के चलते मंगलवार (24 मार्च) देर रात दिल्ली के सर गंगा राम अस्पताल में भर्ती कराया गया है. डॉक्टरों के मुताबिक, उन्हें सीने में जकड़न और सांस लेने में हल्की तकलीफ महसूस हो रही थी, जिसके बाद डॉक्टरों ने उन्हें निगरानी में रखने का फैसला किया.
दिल्ली में बदलते मौसम और बढ़ते प्रदूषण की वजह से उनकी तबीयत पर असर पड़ा है. डॉक्टरों की एक टीम उनके स्वास्थ्य की बारीकी से जांच कर रही है. शुरुआती जानकारी के मुताबिक, उनका ब्रोंकियल अस्थमा थोड़ा बढ़ गया है, जो ठंडी हवा और धूल के कारण अक्सर सक्रिय हो जाता है. अस्पताल के चेयरमैन डॉ. अजय स्वरूप ने संक्षिप्त जानकारी देते हुए बताया कि सोनिया गांधी की स्थिति फिलहाल स्थिर है. उन्हें एहतियात के तौर पर भर्ती किया गया है और उन्हें एंटीबायोटिक्स व अन्य जरूरी दवाएं दी जा रही हैं.
79 वर्षीय सोनिया गांधी पिछले कुछ समय से स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों का सामना कर रही हैं. जनवरी माह में इससे पहले भी उन्हें सांस संबंधी दिक्कत के कारण भर्ती होना पड़ा था. जून 2025 में उन्हें पेट में संक्रमण के कारण अस्पताल में कुछ दिन बिताने पड़े थे. सितंबर 2022 में उन्होंने इलाज के लिए विदेश की यात्रा भी की थी. फिलहाल, डॉक्टर उनकी रिकवरी पर नजर रख रहे हैं और उम्मीद जताई जा रही है कि एक-दो दिनों में स्थिति पूरी तरह सामान्य होने पर उन्हें अस्पताल से छुट्टी मिल सकती है.

राशिफल: जानिए, कैसा रहेगा आपका आज का दिन (1 अप्रैल 2026 )
प्रदेश की लाइफलाइन हुई सशक्त: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने 370 नई एम्बुलेंस को दिखाई हरी झंडी
एपिस्टीन सेक्स कांड: प्रभावित पीड़ितों को बैंक देगा 686 करोड़ रुपये का मुआवजा
ट्रंप नरम हुए, होर्मुज जलमार्ग खोले बिना ही युद्ध समाप्ति के दिए संकेत
भारत की काले जादू की राजधानी...........जहां चुनाव के दौरान नेता लगाते हैं हाजरी
2047 के विकसित भारत के लिए विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने युवा विधायकों के दिलवाए 5 संकल्प
पीएम आवास निर्माण में देश में अव्वल होने पर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने जताया हर्ष
उद्योग मंत्री देवांगन ने तिलक नगर में बाउण्ड्रीवाल निर्माण कार्य का किया भूमिपूजन
मिडिल-ईस्ट की जंग और भारत: आसमानी सरहद पर साइलेंट खतरे की आशंका