Delhi में रेल पटरियों का हाईटेक मेंटेनेंस, नई तकनीक से होगा सुधार
दिल्ली। रेलवे दिल्ली में रेल पटरियों के रखरखाव और सुधार को और अधिक आधुनिक बनाएगा। विभिन्न रेलवे स्टेशनों पर ट्रैक मशीन साइडिंग और रेल ग्राइंडिंग मशीन (आरजीएम) साइडिंग विकसित की जाएगी। इससे रेलवे के बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलेगी और यात्रियों की सुरक्षा भी बेहतर होगी। वर्तमान में ट्रेनों की बढ़ती संख्या और यात्रियों के लगातार बढ़ते दबाव को देखते हुए ट्रैक मेंटेनेंस को अत्याधुनिक बनाना बेहद जरूरी हो गया है। इसी आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए यह परियोजना शुरू की जा रही है। ट्रैक मशीन साइडिंग विशेष लाइनें होती हैं, जहां ट्रैक मेंटेनेंस करने वाली मशीनें खड़ी की जाती हैं और उनका रखरखाव होता है। जबकि रेल ग्राइंडिंग मशीन पटरियों की सतह को चिकना बनाती है ताकि घिसाव कम हो। इस योजना के अंतर्गत ट्रैक मशीन साइडिंग विकसित होने से ट्रैक मेंटेनेंस में इस्तेमाल होने वाली भारी मशीनों को व्यवस्थित तरीके से खड़ा और संचालित किया जा सकेगा। इससे मरम्मत कार्य में तेजी आएगी और ट्रैक की नियमित जांच अधिक प्रभावी तरीके से हो सकेगी। ट्रैक की बेहतर देखरेख से जहां रेल दुर्घटनाओं की आशंका कम होगी। वहीं ट्रेनों की देरी की समस्या में भी कमी आएगी।
5.69 करोड़ से 12 महीनों में होगा पूरा काम
परियोजना की अनुमानित लागत करीब 5.69 करोड़ रुपये रखी गई है और इसे 12 महीनों के भीतर पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। रेलवे का मानना है कि तय समय सीमा में काम पूरा होने के बाद दिल्ली मंडल के कई अहम रेलखंडों पर ट्रैक की स्थिति में बेहतर सुधार देखने को मिलेगा।
प्रमुख योजनाएं
कवच.... टक्कर की आशंका को कम करने के लिए विकसित की गई स्वदेशी तकनीक है। मिशन रफ्तार ट्रेनों की औसत गति बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। इसके अलावा, रेलवे स्टेशन पुनर्विकास योजना के तहत दिल्ली के प्रमुख स्टेशनों को विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस किया जा रहा है।
अर्थवर्क, फिटिंग जैसे कार्य होंगे
दिल्ली के विभिन्न स्टेशनों और सेक्शनों में होने वाले कार्य को लेकर निविदा जारी कर दी गई है। इसमें प्रमुख रूप से अर्थवर्क (मिट्टी भराई और कटाई), स्लीपर और फिटिंग का नवीनीकरण, टर्नआउट और क्रॉसिंग, बैलास्ट से संबंधित गतिविधियां, निर्माण स्थल पर कार्य, ट्रैक रखरखाव गतिविधियां, छोटे ट्रैक मशीन कार्य शामिल हैं। रेल पटरियों का नवीनीकरण, पुरानी रेलों को हटाना और नई रेलों का फिटिंग कार्य भी परियोजना का महत्वपूर्ण हिस्सा है। गहराई तक स्क्रीनिंग की जाएगी।

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