ग्रामीण प्रतिभाओं के प्रोत्साहन के लिए दी जाएगी हर संभव मदद : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को नागलवाड़ी में आयोजित पहली कृषि कैबिनेट के अवसर पर बड़वानी जिले के प्रबुद्धजनों से भेंट की। उन्होंने एनआरएलएम की लखपति दीदियों, बड़वानी जिले के नेशनल खिलाड़ियों और उन्नत किसानों के अनुभव सुने और उन्हें शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रबुद्धजनों से भेंटकर कहा कि प्रदेश सरकार महिलाओं, ग्रामीणों, किसानों, खिलाड़ियों सहित समाज के सभी वर्गों की प्रगति के लिए जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से मदद उपलब्ध करा रही है।
बड़वानी जिले के ग्राम भागसुर की सीमा नरगावे ड्रोन दीदी ने निमाड़ी में मुख्यमंत्री डॉ. यादव को बताया कि ग्रामीण आजीविका मिशन के स्व सहायता समूह से जुड़कर उन्होंने जैविक खेती और ड्रोन संचालन का प्रशिक्षण लिया। अब वह अन्य महिलाओं को जैविक खेती करना सिखा रही है। ड्रोन दीदी सीमा ने बताया कि स्व-सहायता समूह से जुड़कर उसकी आय में वृद्धि तो हुई ही है, साथ ही उसे एक नई पहचान भी मिली है। सीमा ने बताया कि वह गांव में ड्रोन के माध्यम से खेतों में उर्वरक और कीटनाशक का छिड़काव करती है जिससे घंटों का काम अब मिनिटों में होने लगा है और उसे नियमित रूप से आय भी प्राप्त हो रही है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव से चर्चा करते हुए हॉकी की नेशनल खिलाड़ी सुस्नेहा मोहनिया ने बताया कि उसे राष्ट्रीय स्तर पर 2 गोल्ड मेडल और 1 सिल्वर मेडल मिल चुका है। स्नेहा ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव से बड़वानी में एस्ट्रो-टर्फ की सुविधा उपलब्ध कराने का अनुरोध किया, जिसे उन्होंने स्वीकार करते हुए यह सुविधा उपलब्ध कराने के लिए आश्वस्त किया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एयर राइफल शूटिंग की नेशनल खिलाड़ी जुलवानिया निवासी सुवैष्णवी महुले से भी चर्चा की। उन्होंने सुवैष्णवी को राज्य स्तर की शूटिंग अकादमी में प्रशिक्षण दिलाने के लिए निर्देश उपस्थित अधिकारियों को दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जुलवानिया में शूटिंग क्लब प्रशिक्षण केंद्र संचालन कर रहे प्रशिक्षक नीरज को 5 लाख रुपए की प्रोत्साहन राशि बालिकाओं की ट्रेनिंग के सराहनीय कार्य के लिए देने की घोषणा भी की।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव को बड़वानी जिले के ग्राम घटवा निवासी उन्नत कृषक महेश पाटीदार ने अपने उत्पाद "गुड़ की चाय" के बारे में बताया। पाटीदार ने बताया कि उन्होंने पी.एम.एफ.एम.ई. योजना में 28 लाख रुपए का ऋण लिया था। इसमें उन्हें 10 लाख रुपए का अनुदान भी मिला है। वर्तमान में पाटीदार "गुड़ की चाय" के 500 क्विंटल के पैकेट प्रतिवर्ष बेच रहे हैं। भविष्य में एक हजार क्विंटल प्रतिवर्ष "गुड़ की चाय" के पैकेट बेचने का उनका लक्ष्य है। पाटीदार ने बताया कि उनकी गुड़ की चाय के पैकेट विक्रय के लिए अमेजॉन एवं अन्य ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर भी उपलब्ध है।
बड़वानी जिले के ही अमोल महाजन ने भी मुख्यमंत्री डॉ. यादव को केला उत्पादन के अपने व्यवसाय के बारे में बताते हुए कहा कि वह पहले अमेरिका में जॉब करते थे, बाद में जॉब छोड़कर अपने देश में ही केला उत्पादन का स्टार्ट-अप शुरू किया। आज उनका केला दुबई, ईरान और इराक सहित विश्व के कई देशों में निर्यात हो रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महाजन की उपलब्धि की प्रशंसा की।

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