जिला स्तरीय ओलंपियाड प्रतियोगिता में रतलाम जिले से चयनित कक्षा 2 से 8 तक के प्रत्येक कक्षा एवं विषय में प्रथम स्थान प्राप्त 32 प्रतिभाशाली विद्यार्थियों का सम्मान समारोह 27 फरवरी को कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आयोजित किया गया।
रतलाम
जिला स्तरीय ओलंपियाड प्रतियोगिता में रतलाम जिले से चयनित कक्षा 2 से 8 तक के प्रत्येक कक्षा एवं विषय में प्रथम स्थान प्राप्त 32 प्रतिभाशाली विद्यार्थियों का सम्मान समारोह 27 फरवरी को कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आयोजित किया गया। कलेक्टर श्रीमती मिशा सिंह ने प्रत्येक कक्षा के प्रत्येक विषय में सर्वोच्च अंक प्राप्त कर जिले में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले सभी विद्यार्थियों के साथ उनके अभिभावकों एवं मार्गदर्शी शिक्षकों को भी सम्मानित किया । सभी बच्चों को प्रमाण पत्र एवं शील्ड के साथ स्कूल बैग, ट्रेक शुट, पानी की बोतल, टिफिन, कैप, ज्योमेट्री बॉक्स उपहार स्वरूप प्रदान किए गए।
कार्यक्रम के प्रारम्भ में राज्य शिक्षा केन्द्र भोपाल के निर्देशानुसार दो चरणो में संचालित ओलम्पियाड प्रतियोगिता एवं चयनित छात्रो के संबंध में विस्तृत जानकारी पीपीटी के माध्यम से सहायक परियोजना समन्वयक श्री विवेक नागर द्वारा दी गई। कार्यक्रम में राज्य स्तर पर द्वितीय स्थान प्राप्त छात्रा हिरल पवांर ने भी अपने अनुभव साझा किये।
इस अवसर सहायक संचालक श्री राहुल मण्डलोई, जिला परियोजना समन्वयक श्री राजेश कुमार झा, श्री मुकेश राठौर एवं विकासखण्ड के अकादमिक समन्वयक एवं जनशिक्षक उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन सहायक परियोजना समन्वयक श्री विवेक नागर ने किया।
जिला संवाददाता लाखनसिंह सिसोदिया की स्पेशल रिपोर्ट



राशिफल 23 जुलाई 2026: जानिए आज का दिन आपके लिए कैसा रहेगा
कृषि, पशुपालन और उद्यम से जुड़ी धरमजयगढ़ की महिलाएं अब स्थानीय बीजों और अनाजों से बना रहीं राखियां
विष्णुभोग चावल बना जीपीएम जिले का गौरव
रेल यात्रियों और मासूम बच्चों की सुरक्षा के प्रति जीआरपी की संवेदनशीलता का उत्कृष्ट उदाहरण
नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0" अभियान को प्रदेशभर में मिल रहा जनसमर्थन
अवैध लकड़ी परिवहन पर वन विकास निगम की बड़ी कार्रवाई
मल्हार में खुली छत्तीसगढ़ ग्रामीण बैंक की नई शाखा
विश्व कप के रण में मध्यप्रदेश का गौरव: हॉकी इंडिया की विश्व कप टीम में हॉकी अकादमी के एसोसिएट खिलाड़ी विवेक सागर प्रसाद का चयन
मध्यप्रदेश पुलिस की बड़ी कार्रवाई
स्वस्थ पशुधन, समृद्ध किसान: मुंगेली में 582 शिविरों से बदली पशुपालन की तस्वीर