कक्षा 8 की किताब से विवादित चैप्टर हटाया, सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद एनसीईआरटी ने मांगी माफी
नई दिल्ली|विवादित न्यायिक चैप्टर मामले में सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद एनसीईआरटी ने इस मामले में माफी मांगी है और संबंधित अध्याय को वापस लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। शिक्षा मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, कक्षा आठ की सामाजिक विज्ञान भाग दो की कुल 2.25 लाख प्रतियां छापी गई थीं।इनमें से 2,24,962 प्रतियां स्टॉक में बची हुई थीं, जिन्हें तुरंत प्रभाव से वापस गोदाम में मंगा लिया गया है। हालांकि 38 प्रतियां पहले ही बिक चुकी थीं, जिन्हें अब वापस लेने की कोशिश की जा रही है।
ये है पूरा मामला
राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) की सामाजिक विज्ञान की किताब के एक अध्याय पर बवाल हुआ। न्यायपालिका ने इसे लेकर नाराजगी जताई। दरअसल, कक्षा आठ की किताब न्यायपालिका में भ्रष्टाचार और लंबित केसों की जानकारी दी गई है। इसे लेकर बुधवार को देश की सर्वोच्च अदालत ने स्वतः संज्ञान लिया और मामले पर टिप्पणी की।एनसीईआरटी की कक्षा आठ की नई सामाजिक विज्ञान की पाठ्यपुस्तक में 'हमारे समाज में न्यायपालिका की भूमिका' नाम से एक अध्याय जोड़ा गया है, जिसमें न्यायपालिका के सामने आने वाली चुनौतियों का जिक्र किया गया। इस अध्याय में लिखी गई कुछ बातें मौजूदा समय में विवादों के केंद्र में हैं।किताब में स्पष्ट रूप से लिखा गया था कि लोग न्यायपालिका के विभिन्न स्तरों पर भ्रष्टाचार का सामना करते हैं। इसमें कहा गया है कि भ्रष्टाचार के कारण गरीब और वंचित वर्ग के लोगों के लिए न्याय तक पहुंच का मुद्दा और भी बदतर या मुश्किल हो जाता है। इसमें कहा गया है कि न्यायाधीश एक आचार संहिता से बंधे होते हैं, जो न केवल अदालत के अंदर, बल्कि अदालत के बाहर भी उनके व्यवहार को नियंत्रित करती है|किताब में न्यायपालिका के सामने आने वाली प्रमुख चुनौतियों में भ्रष्टाचार के साथ-साथ लंबित मामलों के भारी बोझ का भी जिक्र किया गया है। इस भारी बैकलॉग के लिए न्यायाधीशों की कमी, जटिल कानूनी प्रक्रियाएं और खराब बुनियादी ढांचे जैसी बातों को वजह बताया गया है। पाठ्यपुस्तक में लंबित मामलों की गंभीरता को समझाने के लिए भारत की विभिन्न अदालतों के अनुमानित आंकड़े भी दिए गए हैं।

अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई पर फूटा लोगों का गुस्सा, शताब्दीपुरम पुलिस छावनी में तब्दील
'ड्रग्स केस में फंसा दूंगा' कहने वाले पुलिसकर्मी पर गिरी गाज, किया गया सस्पेंड
कैंची से घायल बच्चे की जान पर बनी आफत, डॉक्टरों ने जटिल सर्जरी से बचाया
ऑटोइम्यून बीमारी का शुरुआती संकेत हो सकती है आंखों और मुंह की ड्राइनेस, जानें बचाव के तरीके
प्रकृति का अनमोल खजाना है नागालैंड, मानसून में इन 5 जगहों का नजारा नहीं भूलेंगे
लोकसभा में शोर-शराबा, राज्यसभा स्थगित; विपक्ष के हंगामे से सदन की कार्यवाही प्रभावित
बिहार विधानसभा में हाई वोल्टेज ड्रामा, धक्का-मुक्की से बढ़ा राजनीतिक तापमान
'शिकायतें बढ़ती जा रही हैं, समाधान नहीं'... प्रताप ग्रेवाल ने CM से मांगा जवाब
शिवभक्ति की अनोखी मिसाल, 7500 KM की कांवड़ यात्रा पर निकले रोहित पहुंचे राजनांदगांव