कर्नाटक के बागलकोट में शिवाजी जयंती जुलूस पर पथराव, इलाके में धारा 144 लागू
कर्नाटक के बागलकोट में शिवाजी जयंती जुलूस के दौरान पथराव की घटना सामने आई है। इसके बाद तनाव की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने इलाके में निषेधाज्ञा लागू की है। अधिकारियों ने बताया कि शिवाजी जयंती जुलूस के दौरान कथित तौर पर पत्थरबाजी के बाद कुछ समय के लिए तनाव की स्थिति पैदा हो गई थी। उन्होंने बताया कि यह घटना गुरुवार को पुराने शहर में उस समय हुई जब दोपहर करीब 3:30 बजे शुरू हुआ जुलूस मस्जिद क्षेत्र से गुजर रहा था।
एसपी ने पत्थरबाजी की पुष्टि की
मामले में पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ गोयल ने बताया कि जुलूस के लिए पर्याप्त बल तैनात किए गए थे। उन्होंने कहा, 'हम सभी मौके पर मौजूद थे। जुलूस कल दोपहर करीब 3:30 बजे शुरू हुआ। जैसे ही यह मस्जिद के पास पहुंचा, दूर से हमारी ओर दो पत्थर फेंके गए।' एसपी के अनुसार, पुलिस द्वारा अब तक प्राप्त प्रारंभिक जानकारी और वीडियो के आधार पर, एक पत्थर एक पुलिसकर्मी को लगा जबकि दूसरा उसके कंधे पर गिरा। उन्होंने कहा, 'किसी को भी गंभीर चोट नहीं आई। इसके बाद जुलूस सुचारू रूप से चलता रहा और माहौल शांतिपूर्ण बना रहा।'
वहीं तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में भी दो धर्मों के लोगों के बीच टकराव की खबर है। रिपोर्ट्स के मुताबिक दो गुटों के लोगों ने जुलूस निकाले जाने के दौरान एक दूसरे के विरोध में जमकर नारेबाजी की। फिलहाल दोनों जगहों पर स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है।
मध्य प्रदेश के जबलपुर में भी धार्मिक तनाव
दक्षिण भारत की इन दो घटनाओं से पहले मध्य प्रदेश के जबलपुर में भी गुरुवार देर रात धार्मिक मुद्दे पर तनाव भड़क उठा। जबलपुर से आई रिपोर्ट्स के मुताबिक सिरोह के एक मंदिर में कथित तोड़फोड़ के बाद तनाव पैदा हुआ। यहां दो पक्षों के बीच हिंसक झड़प और पत्थरबाजी से उपजे तनाव को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने 15 लोगों को हिरासत में भी लिया। फिलहाल हालात संवेदनशील हैं और मौके पर मध्य प्रदेश पुलिस के जवान बड़ी संख्या में तैनात किए गए हैं।

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