एक झपकी बनी जानलेवा, दिल्ली हादसे में मां-बेटी की मौत
नई दिल्ली|दिल्ली के गाजीपुर टोल टैक्स के पास हुए हादसे में बस एक झपकी ने मां-बेटी की जान ले ली जबकि दोनों मासूम समेत बाकी लोग जिंदगी के लिए जंग लड़ रहे हैं। दरअसल कार चला रहे दीपांशु ने लगभग पूरी रात गाड़ी चलाई थी। सुबह जैसे ही वह दिल्ली की सीमा में घुसा तो उसे झपकी आ गई और कार नियंत्रण से बाहर होकर कंटेनर से टकरा गई।
तीन लाइन थीं खाली, फिर कंटेनर से क्यों टकराई कार?
मामले की जांच कर रही पुलिस अधिकारियों का कहना है कि टोल टैक्स की तीन लेन खाली पड़ी थीं। टोल टैक्स वाली लेन में कंटेनर ट्रक मौजूद था। इसके बावजूद खाली लेन छोड़कर कार कंटेनर से टकरा गई। क्या वाकई झपकी हादसे की वजह बनी या किसी और वजह से कार अनियंत्रित हुई, इसकी पड़ताल की जा रही है। एक परिजन ने बताया कि करीब छह साल पहले दीपांजलि की शादी देहरादून में रहने वाले अंशुल गुप्ता से हुई थी। दीपांजलि परिवार के साथ देहरादून के क्लेमेंट टाउन, टर्नर रोड, लेन नंबर-3 में रहती थीं। पति अंशुल गुप्ता का देहरादून में प्रॉपर्टी का कारोबार है। वहीं दीपांशु की फरवरी 2025 में सुहानी से शादी हुई थी।
खारी बावली में है चावल का बड़ा कारोबार
दीपांशु और इनके पिता राजेंद्र गर्ग का खारी बावली के नया बाजार में चावल का बड़ा कारोबार है। पिता-पुत्र कारोबार देखते हैं। इसी माह दीपांशु की शादी की सालगिरह है। होली और शादी की सालगिरह देखते हुआ दीपांशु ने बहन से दिल्ली आने के लिए कहा। बहन ने भी मायके आने के लिए हामी भर दी। दीपांशु ने बहन से बुधवार देर रात देहरादून आने की बात की। उधर, मां ने बेटे को अकेले जाता देखकर खुद भी साथ जाने की इच्छा जाहिर की। बुधवार रात करीब 9 बजे मां-बेटे दोनों रोहिणी से देहरादून के लिए निकल गए। देर रात करीब डेढ़ बजे दीपांशु देहरादून बहन के घर पहुंच गया। वहां खाना खाने के बाद रात करीब ढाई बजे मां-बेटे दीपांजलि और दो बच्चों को लेकर निकल पड़ा।
दीपांशु ने चलाई पूरी रात कार
इस बीच पूरी रात कार चलाने की वजह से दीपांशु पर थकान हावी थी। नींद से वह अलसाया हुआ था। घर पहुंचने की जल्दी में वह कार भी तेज चला रहा था। सुबह जैसे ही कार दिल्ली की सीमा में घुसी तो हादसा हो गया। पुलिस को तड़के 6:43 बजे हादसे की सूचना मिली। बाद में पुलिस ने ही दिल्ली में परिवार को हादसे की खबर दी। इसके बाद दीपांजलि के पति व बाकी परिजन दिल्ली के लिए निकले। दीपांशु के पिता बीमार रहते हैं, परिजनों ने उनको मौके पर आने से मना कर दिया। उनको पत्नी और बेटी की मौत की खबर नहीं दी गई है।
मासूम विवान मां को याद कर रोए जा रहा
पांच साल का विवान जख्मी है और बार-बार अपनी मां को याद कर रोए जा रहा था। मासूम को शायद नहीं पता था कि उसकी मां अब कभी नहीं आएगी। परिजन मासूम की पुकार देखकर गमगीन थे।
कार की भिड़ंत बायी ओर से हुई, जिससे चली गई मां-बेटी की जान
दीपांजलि और इनकी मां नीलम गर्ग कार में बाई ओर बैठी थीं। दीपांजलि कार की चालक वाली सीट पर मौजूद थीं, जबकि मां बेटी के ठीक पीछे वाली सीट पर थीं। कार चला रहे दीपांशु के पीछे दोनों बच्चे थे। कार की भिड़ंत बायीं ओर से ही हुई, इस वजह से मां-बेटी की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे में गंभीर रूम से जख्मी होने के बाद भी दीपांशु और दोनों बच्चों की जान बच गई। हालांकि दीपांशु और वाशु की हालत नाजुक बताई जा रही है।
हादसे के बाद कई किलोमीटर लंबा लगा जाम
एनएच-9 पर गुरुवार सुबह करीब साढ़े छह बजे हादसा हुआ। इस बीच दिल्ली-मेरठ हाइवे और एनएच-9 पर भारी जाम लग गया। हादसे के बाद दीपांशु की कार पूरी तरह घूमकर सड़क पर खड़ी रही। शव भी पड़े रहे। पुलिस टीम ने जांच के बाद कार और शवों को हटाया। इस दौरान एनएच-9 पर गाजियाबाद से दिल्ली आने वाला ट्रैफिक पूरी तरह थमा रहा। तमाशबीनों की वजह से दिल्ली-मेरठ हाइवे पर भी जाम लग गया। पुलिस ने क्रेन की मदद से कार को हटाया तब जाकर करीब एक घंटा बाद यातायात सुचारु हुआ। इस बीच दिल्ली व यूपी पुलिस ने ट्रैफिक को डायवर्ट किया।

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