भाई ने किया ‘भाई’ को किडनैप, 3 महीने बाद सुलझे साजिश के तार
दौसा: दौसा जिले (Dausa District) में तीन महीने पहले हुए युवक (Young Men) के अपहरण (Kidnapping) और फिरौती (Ransom) के मामले का पुलिस (Police) ने खुलासा कर दिया है. पुलिस की जांच में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं. इस पूरे अपहरण कांड की साजिश पीड़ित युवक के चचेरे भाई (Cousins) ने ही रची थी. पुलिस ने इस मामले में मुख्य साजिशकर्ता सहित दो आरोपियों को गिरफ्तार (Arrest) किया है. इस मामले में अब तक कुल चार आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं. पूरी वारदात का खुलासा हो जाने के बाद पीड़ित युवक और उसके परिजन हैरान हैं. वहीं वारदात के तार सुलझ जाने से पुलिस ने राहत की सांस ली है.
पुलिस के अनुसार 3 अक्टूबर, 2025 को कोलवा थाना इलाके के कालोता के समीप सुनील सैनी नामक युवक का अपहरण कर लिया गया था. अपहरण के बाद परिजनों से फिरौती की मांग की गई. इससे परिजनों में हड़कंप मच गया था. घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने विशेष टीमों का गठन कर जांच शुरू की. घटना के कुछ घंटों के भीतर ही पुलिस ने पीड़ित युवक को ढूंढ निकाला और उसे सुरक्षित रूप से बरामद कर लिया. पुलिस ने आरोपियों की गाड़ी भी जब्त कर ली थी.
जांच के दौरान पुलिस ने पहले इस मामले में राहुल मीणा निवासी कालाखेता और राजाराम गुर्जर निवासी सिंगपुरा को गिरफ्तार किया था. पूछताछ और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आगे की कड़ियां जुड़ती चली गईं. इसके बाद पुलिस ने पीड़ित युवक के चचेरे भाई विष्णु सैनी को हिरासत में लिया. पूछताछ में सामने आया कि पैसे के लेनदेन को लेकर विष्णु सैनी ने ही अपने ही चचेरे भाई सुनील का अपहरण कराने की योजना बनाई थी.

पाकिस्तान के खिलाफ टेस्ट मुकाबलों के लिए वेस्टइंडीज का स्क्वॉड घोषित, बड़ा नाम गायब
वांगचुक के आंदोलन पर सियासत तेज, संजय राउत ने केंद्र से मांगा स्पष्टीकरण
सोनम वांगचुक के फैसले पर RSS का बयान, CJP को लेकर उठाए सवाल
दिल्ली वालों के लिए जरूरी खबर! 17 मेट्रो स्टेशनों पर एंट्री बंद, सफर प्रभावित
क्या धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे से लौटेगा छात्रों का भरोसा? शिक्षा संकट पर बड़ी बहस
अमेरिका में 'रामायण' ट्रेलर लॉन्च के दौरान रणबीर कपूर बोले- 'राहा को यह फिल्म दिखाने के लिए उत्साहित हूं'
आज इन 5 जिलों में मूसलाधार बारिश की चेतावनी, इंदौर-भोपाल में भी बरसेंगे बादल
कच्चा तेल, बॉन्ड यील्ड और ग्लोबल संकेतों से बाजार पर दबाव, निवेशक क्या करें?