यमुना एक्सप्रेसवे पर बस पलटी, दिल्ली से बनारस जा रही थी, हादसे की वजह सामने आई
बनारस | ग्रेटर नोएडा के दनकौर थाना क्षेत्र के तहत आने वाले इलाके में यमुना एक्सप्रेसवे पर देर रात एक भयानक सड़क हादसा हो गया. दिल्ली से बनारस जा रही एक प्राइवेट बस तेज़ रफ्तार के कारण अनियंत्रित होकर अचानक पलट गई. हादसे में 3 महिलाओं सहित 14 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि बस में कुल 50 यात्री सवार थे| बस में छोटे बच्चों समेत महिलाएं भी शामिल थीं. चीख-पुकार मचते ही वहां पर राहगीरों का जमावड़ा लग गया, जिसके बाद इसकी सूचना तुरंत स्थानीय पुलिस को दी गई. मौके पर पहुंची पुलिस ने घायलों को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया, वहीं क्रेन की मदद से बस को सड़क किनारे हटवाकर यातायात सुचारू कराया गया |
थाना प्रभारी दनकौर मुनेंद्र सिंह ने बताया कि देर रात करीब 1:00 बजे के आसपास पुलिस को सूचना मिली कि यमुना एक्सप्रेसवे पर 14 मील के पास यात्रियों से भरी एक बस पलट गई है. सूचना मिलते ही सुरक्षा टीम मौके पर पहुंची और राहत-बचाव कार्य शुरू किया. घायलों को नज़दीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहाँ एक-दो लोगों की हालत नाज़ुक बताई जा रही है |
तेज रफ्तार के कारण अनियंत्रित हुई थी बस
थाना प्रभारी ने यह भी बताया कि प्राथमिक जांच में बस की अधिक रफ्तार को दुर्घटना का मुख्य कारण माना जा रहा है. पुलिस मामले की जांच कर रही है और बस ड्राइवर से पूछताछ की जा रही है कि वास्तविक वजह क्या थी |
अधिकारी नहीं ले रहे सबक
यमुना एक्सप्रेसवे पर पहले भी कई सड़क हादसे हो चुके हैं, जिनमें हज़ारों लोग अपनी जान गंवा चुके हैं. इसके बावजूद भी यमुना एक्सप्रेसवे के अधिकारी इस मामले का संज्ञान नहीं ले रहे हैं. हालांकि पुलिस अधिकारियों का कहना है कि समय-समय पर विशेष अभियान चलाकर उन वाहनों के खिलाफ चालान किए जाते हैं जो स्पीड लिमिट का उल्लंघन करते हैं |

राहुल गांधी का बड़ा बयान: 'कॉकरोच आंदोलन' के बाद छात्रों पर हिंसा को लेकर सरकार पर निशाना
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर शरद पवार का बड़ा दावा, बोले- 'PM से बातचीत के बाद बदला घटनाक्रम'
'फोन छूने पर बेरहमी से पीटते थे', नौकरी दिलाने के नाम पर युवकों के साथ हुआ खौफनाक खेल
जिस सरकार ने कहा- इस्तीफे नहीं होते, उसी में 12 साल में कई बड़े नेताओं ने छोड़ा पद
दमिश्क हाईवे पर मौत का सफर: बस दुर्घटना में 35 यात्रियों की दर्दनाक मौत
रालोद में अंदरूनी कलह खुलकर आई सामने, 10 पदाधिकारियों ने दिया सामूहिक इस्तीफा
CM शुभेंदु की चेतावनी, 'धोखेबाज भतीजे को कोई नहीं बचा पाएगा', घोटाले पर सियासी वार
एक तरफ धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, दूसरी तरफ मायावती का बड़ा राजनीतिक संदेश